क्यों कहलाये गणेश जी लम्बोदर,क्या है इसके पीछे का रहस्य,जरूर पढ़ें…!!!

क्यों कहलाये गणेश जी लम्बोदर,क्या है इसके पीछे का रहस्य,जरूर पढ़ें…!!!

लम्बोदर
लम्बोदर

शास्त्रों में भगवान गणेश को बुद्धि का देवता माना जाता है। इनकी पूजा-अर्चना, उपासना से जीवन की सभी बाधाओं तथा मुश्किलें मूल सहित दूर होती हैं। गणेश जी को उनके विशेष शारीरिक डील-डौल हेतु लंबोदर कहा जाता है। लंबोदर का अर्थ है लंबे उदर वाला अर्थात बड़े पेट वाला। लड्डू प्रेमी भगवान गणेश जी का पेट बहुत बड़ा है इसलिए उन्हें लंबोदर भी कहा जाता है, लेकिन आप के मन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर उनका नाम लंबोदर कैसे

पड़ा, तो आइये जानते है इसके पीछे की कथा।

ब्रह्मपुराण में वर्णन मिलता है कि गणेश जी माता पार्वती का दूध दिन भर पीते रहते थे। उन्हें डर था कि कहीं भैया कार्तिकेय आकर दूध न पी लें। उनकी इस प्रवृति को देखकर पिता शंकर ने एक दिन विनोद में कह दिया कि तुम दूध बहुत पीते हो कहीं तुम लंबोदर न बन जाओ। बस इसी दिन से गणेश जी का नाम लंबोदर पड़ गया।

उनके लंबोदर होने के पीछे एक कारण यह भी माना जाता है कि वे हर अच्छी-बुरी बात को पचा जाते हैं। गणेश जी का लंबोदर स्वरूप संसार को यह ज्ञान देता हैं कि अपना पेट बड़ा रखो। पेट बड़ा होने से यह तात्पर्य नहीं है कि खूब सारा तेल घी खाकर अपना पेट बढ़ा लें। बड़ा पेट होने का तत्पर्य है हर चीज को पचाना सीखें। अपने आस-पड़ोस में जो भी बातें होती हैं उसे सुनकर अपने पेट में ही रखो। किसी की बातें इधर से उधर न करें। ऐसा करना सीखेंगे तो

हमेशा खुशहाल रहेंगे।

॥ लम्बोदर की जय ॥

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