आपकी कुण्डली की यह हैं वो पाँच गुप्त बातें जो कोई भी ज्योतिष नहीं बताते !! जरूर जानिये !!

आपकी कुण्डली की यह हैं वो पाँच गुप्त बातें जो कोई भी ज्योतिष नहीं बताते !! जरूर जानिये !!

अक्सर ऐसा सुनने में आता है कि ज्योतिषियों के द्वारा कही गई बात कही मार झूठी हो जाती है। ऐसा ज्योतिष की वजह से नहीं वरन ज्योतिषियों के आधे अधूरे ज्ञान तथा लालच के चलते होता है। ऐसे ज्योतिषी या तो सामने वाले हो कुछ बताते ही नहीं या गलत उत्तर देकर प्रश्नकर्ता को भ्रमित कर देते हैं आइए जानते ऐसी ही बातें जिनके जरिए ज्योतिष आपको भ्रमित करते हैं।
1.कालसर्प योग मांगलिक दोष तथा शनि की साढ़ेसाती का सत्य-
किसी भी कुंडली में कालसर्प योग का बनना बेहतर महत्वपूर्ण लेकिन दुर्लभ घटनाओं में से एक होती है ।कालसर्प योग कब बनता है जब कुंडली के सभी ग्रह राहु और केतु के बीच में आ जाते हैं। यदि एक ग्रह बाहर रह जाए तो कुछ ज्योतिषी उसे आंशिक कालसर्प योग मान लेते हैं। परंतु इन दिनों देखने में आता है कि ज्योतिषी अधिकांश लोगों को कालसर्प योग बता रहे हैं जिनकी कुंडली में नहीं है। उनको भी यही कहा जाता है की आप पर कालसर्प योग की दशा चल रही है।


2.मांगलिक योग का होना या ना होना
ज्योतिष के अनुसार जब कुंडली के पहले चौथे और सातवें तथा आठवें और बारहवीं घर में मंगल होता है ।जब मांगलिक दोष होता है। परंतु यह योग कुछ परिस्थितियों में बेअसर हो जाता है। जैसे कि मंगल के साथ राहु मिल जाए यह लग्न में बुध और शुक्र मिल जाए अथवा 14,7,8 ,12 घरों पर बलवान शुभ ग्रहों की पूर्ण दृष्टि हो ज्योतिष इन बातों को नहीं बताते ।और लोगों से खर्चा करवाने के लिए मंगल दोष के निवारणार्थ उपाय बताते रहते हैं।


3.शनि की साढ़ेसाती
भारत के किसी भी आदमी को शनि की साढ़ेसाती से बड़ी आसानी से डराया जा सकता है ।जबकि यह हमेशा ही अशोक नहीं होती है वारंट ज्योतिषियों का कहना है कि शनि की दशा में आदमी की तरक्की होती है हालांकि इसके लिए उसे कुछ कष्ट उठाने पड़ते हैं। ज्योतिषी शनि के बुरे फलों के बारे में बताते हैं। परंतु अच्छे फलों को छुपा जाते हैं जिनके चलते लोग दरकार उपाय करवाने के लिए उन्हें मुंह मांगे पैसे दे देते हैं। ज्योतिष में शनि का कार्य न्यायाधीश का होता है आपके जैसे कर्म है वैसे ही शनि की दशा में फल मिलते हैं जिन्हें आप किसी भी तरह से बदल नहीं सकते हैं उनके फलों की तीव्रता में 19- 20 का अंतर ला सकते हैं।
4.अशुभ नंबर
अंक ज्योतिष विधा भी एक ठगने का बड़ा साधन बन कर उभरा है वर्तमान में ज्योतिषी यह तो बताने लग गए हैं। कि आपका मोबाइल नंबर क्या होना चाहिए जो कि पूर्णतया ही गलत है प्रकृति सभी को उनके हिसाब से फल देती है इसमें अंक ज्योतिष का प्रयोग करके किसी को भी ठगना अपराध है।


5.अनिष्ट दूर करने के लिए उपाय

वर्तमान में TV पर हम हनुमान चालीसा लॉकेट रामायण लोकेट श्री यंत्र राधिका विज्ञापन देखते हैं। जो पूरी तरह से गलत है वैदिक शास्त्रों में कहीं भी इन लॉकेट तथा यंत्रों के बारे में नहीं लिखा गया है ।यह सब केवल जनता को भ्रमित करने के लिए बनाए जाते हैं वास्तव में कोई भी यंत्र तभी कार्य करता है जब उसे पूरी विधि विधान से जागृत कर लिया जाए। जिसके लिए कई दिनों तक पूजा पाठ करनी होती है। शुभ ब्रह्मचर्य का पालन करना होता है TV पर आने वाले तथा कहीं विज्ञापनों में बेचे जा रहे। तांत्रिक तथा ज्योतिष प्रोडक्ट में ऐसा कुछ नहीं होता इससे केवल आपका आत्मविश्वास बढ़ जाता है जो कि एक मनोविज्ञानिक तथ्य है ना कि यंत्र लॉकेट का कमाल।

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