अद्भुत मंदिर जहाँ के पत्थर है दाल और चावल के आकार के..!!!

अद्भुत मंदिर जहाँ के पत्थर है दाल और चावल के आकार के..!!!

कुमारी अम्मन मन्दिर
कुमारी अम्मन मन्दिर

हमारे भारत में वैसे तो कई मंदिर हैं लेकिन आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जारहे है जहां माता पार्वती ने पूजा की थी और वहां दाल और चावल के रूप में कंकड़ पत्थर दिखाई देते है। आइए जानते है इस मंदिर के रहस्य के बारे में:

कन्याकुमारी प्वांइट को इंडिया का सबसे निचला हिस्सा माना जा है।कुमारी अम्मन मन्दिर या कन्याकुमारी मन्दिर समुद्रतट पर स्थित है।

कुमारी अम्मन मन्दिर
कुमारी अम्मन मन्दिर

कन्याकुमारी दो शब्दों कन्या अर्थात कुंवारी और कुमारी अर्थात लड़की से मिलकर बना है। कथाओं के अनुसार भगवान शिव और देवी कन्याकुमारी की शादी नहीं हुई, इसलिये कन्याकुमारी ने कुंवारी रहने का निश्चय किया।पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस स्थान पर देवी का विवाह संपन्न न हाे पाने के कारण बचे हुए दाल-चावल बाद में कंकड़-पत्थर बन गए। कहा जाता है इसलिए ही कन्याकुमारी के बीच या रेत में दाल और चावल के रंग-रूप

वाले कंकड़ बहुत मिलते हैं। आश्चर्य भरा सवाल तो यह भी है कि ये कंकड़-पत्थर दाल या चावल के आकार जितने ही देखे जा सकते हैं।यहाँ मंदिर में प्रवेश करने के लिए पुरूषों को कमर से ऊपर के कपडे उतारने होते है।

एक और बात जो आकर्षित करती है वो है यहाँ सुबह हर विश्रामालय की छत पर टूरिस्टों की भारी भीड़ सूरज की अगवानी के लिए जमा हो जाती है। शाम

को अरब सागर में डूबते सूरज को देखना भी यादगार होता है। उत्तर की ओर करीब 2-3 किलोमीटर दूर एक सनसेट प्वॉइंट भी यहां है।