जानिए; कैसे श्री कृष्ण से नाता जोड़कर बन सकते है हम ग्रहों के दोस्त ..!!!!

आज हम आपको जिस बारे में बताने जा रहें है उसके बारे में शायद ही आपने पढ़ा होगा, हाँ ये जरूर आपने सुना होगा की जो भक्त भगवान् श्री कृष्ण के ऊपर अपनी सारी चिंताएं छोड़ देता है उनको अपना सखा बना लेता है उसका कोई भी गृह कुछ नहीं बिगड़ सकता है। तो आइये आज हम आपको बता देते है ऐसा क्यों कहा जाता है और आइये अब समझें कि

पालनहार श्रीकृष्ण
पालनहार श्रीकृष्ण

किस ग्रह का हमारे जगत के पालनहार श्रीकृष्ण से कैसा संसारी नाता है जिसके चलते वे उनके प्रिय भक्तों का कुछ नहीं बिगड़ सकते  है ।

  • जो मृत्यु के राजा हैं यम, वह यमुना जी के भाई हैं और यमुना जी हैं भगवान की पटरानी, तो यम हुए भगवान के साले, तो हमारे सखा के साले हमारा क्या बिगाड़ेंगे?
  • सूर्य हैं भगवान के ससुर (यमुना जी के पिता) तो हमारे मित्र के ससुर भला हमारा कैसे अहित कर सकते है ?
भगवान् श्रीकृष्ण
भगवान् श्रीकृष्ण
  • सूर्य के पुत्र हैं शनि, तो वह भी भगवान के साले हुए तो शनिदेव भी हमारे ही हुए तो वे भी हमारा क्यों कुछ बिगाड़ लेंगे?

  • चंद्रमा और लक्ष्मी जी समुद्र से प्रकट हुए थे। लक्ष्मी जी भगवान की पत्नी हैं, और लक्ष्मी जी के भाई हैं चंद्रमा, क्योंकि दोनों के पिता हैं समुद्र। तो चन्द्रमा भी भगवान के साले हुए, तो वे भी हमारा क्या बिगाड़ेंगे?
  • बुध चंद्रमा के पुत्र हैं तो उनसे भी हमारे प्यारे का ससुराल का नाता है। हमारे सखा श्रीकृष्ण बुध के फूफाजी हुए, तो भला बुध हमारा क्या बिगाड़ेंगे?
हमारे सखा श्रीकृष्ण
हमारे सखा श्रीकृष्ण
  • बृहस्पति और शुक्र वैसे ही बड़े सौम्य ग्रह हैं फिर ये दोनों ही परम विद्वान् हैं, इसलिए श्रीकृष्ण के भक्तों की तरफ इनकी कुदृष्टि कभी हो ही नहीं सकती।

  • राहु केतु तो बेचारे जिस दिन एक से दो हुए, उस दिन से आज तक भगवान के चक्र के पराक्रम को कभी नहीं भूले। भला वे कृष्ण के सखाओं की ओर टेढ़ी नजर से देखने की हिम्मत जुटा पाएँगे?
श्रीकृष्ण
श्रीकृष्ण
  • तो अब बचे मंगल ग्रह। ये हैं तो क्रूर गृह, लेकिन ये तो अपनी सत्यभामा जी के भाई हैं। चलो ये भी निकले हमारे प्यारे सावरे के ससुराल वाले। अतः श्रीकृष्ण के साले होकर मंगल हमारा अनिष्ट कैसे करेंगे?

इसलिए अब तो आप समझ ही गए होंगे की श्री कृष्ण के शरणागत को किसी भी ग्रह से कभी भी डरने की जरूरत नहीं। संसार में कोई चाहकर भी अब हमारा अनिष्ट नहीं कर सकता। इसलिए निर्भय होकर, श्रीकृष्ण से अपना नाता जोड़े रखिए।

॥जय श्री कृष्णा ॥

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