किन जगहों पर पितरों का तर्पण करने से मिलता है विशेष पुण्य..!!!

पितरों का तर्पण
पितरों का तर्पण

श्राद्ध के दौरान हम अपने पूर्वजो का आशीर्वाद पाने के लिए 16 दिनों तक श्राद्ध आदि कर्म करते है। हमारे देश में श्राद्ध ,पिण्डदान और तर्पण करने के लिए कई तीर्थ स्थान है।

गया 

गया (बिहार) में पितरों का पिंडदान करने का विशेष महत्व है। पितृ पक्ष के दौरान यहां हजारों की संख्या में लोग अपने पितरों का पिण्डदान करते है। ऐसी मान्यता है कि यदि इस स्थान पर पिण्डदान किया जाय तो स्वर्ग मिलता है।

इलाहाबाद 
पितृपक्ष में प्रयाग का विशेष स्थान है माना जाता है भगवान राम ने अपने पितरों का श्राद्ध यहीं पर किया था जिसके कारण इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।

बद्रीनाथ
बद्रीनाथ के ब्रहमाकपाल क्षेत्र में तीर्थयात्री अपने पितरों का आत्मा का शांति के लिए पिंडदान करते हैं। ऐसी मान्यता है यही पर पाण्डवों ने भी अपने पितरों का पिंडदान किया था।

सिद्धनाथ मध्य प्रदेश
यह स्थान उज्जैन में शिप्रा नदी के किनारे है यहां पर भी पितरों को श्राद्ध अर्पित करते है। ऐसी मान्यता है कि इसी स्थान पर एक वटवृक्ष है जिसे माता पार्वती ने अपने हाथो से स्वयं लगाया था। पितर पक्ष में बड़ी संख्या में लोग इस स्थान पर अपने पितरों को श्राद्ध देते हैं।

काशी 
ऐसी मान्यता है कि काशी में मरने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है। काशी में पिशाचमोचन कुंड पर श्राद्ध का विशेष महत्व होता है । यह स्थान पर पितरों के अकाल मृत्यु होने पर पिंडदान करने पर मोक्ष प्राप्त होता है।

पिण्डारक गुजरात
गुजरात के द्वारिका से 30 किलोमीटर का दूरी पर पिण्डारक स्थान है यहां पर एक नदी है जहां पर श्राद्ध कर्म करने के बाद नदी मे पिण्ड डालते है और अपने पितरों की आत्मा की शान्ति के लिए श्राद्ध आदि कर्म करते हैं

 

 

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