आज जानिए..!!कैसे की जाए कान्हा की पूजा,जिससे न रहे धन-धान्य की कमी..!!!!

आज जानिए..!!कैसे की जाए कान्हा की पूजा,जिससे न रहे धन-धान्य की कमी..!!!!

कहते हैं कि अगर ठाकुरजी की सेवा यदि मन लगाकर की जाए तो घर में कभी धन-धान्य व सुख समृद्धि की कमी नहीं होती। आज हम आपको बताते हैं कि कान्हा की पूजा किस तरह की जाए और पूजा के लिए आखिर कौन सी चीजें जरूरी मानी गई हैं –

  • आचमन : पूजा से पहले हाथों को जल धोने की क्रिया इसमें उपयोग किए जाने वाले जल को आचमनीय कहा जाता है। यह शुध जल और सुगंधित फूलों का मिश्रण होता है।

  • आसन : कृष्ण पूजा में सबसे जरूरी माना जाता है आसन, जिस पर भगवान कृष्ण की स्थापना की जाती है। बता दें कि आसन का रंग अगर तेज और चमकीला जैसे कि लाल, पीला, नारंगी, हो तो बहुत बेहतर माना जाता है।
  • पाघ : यह वह बर्तन कहलाता है जिसमें भगवान कृष्ण के पांव धोए जाते हैं। ध्यान रहें कि पूजा करने से पहले पाघ में स्वच्छ जल और फूलों की पंखुड़ियों को डालें और उससे फिर भगवान कृष्ण के चरणों को धोएं।

  • पंचामृत : दूध, दही, घी, शहद और चीनी के मिश्रण से पंचामृत बनाएं और उसे किसी शुद्ध बर्तन में भरें और फिर उसी पंचामृत से भगवान कृष्ण को भोग लगाएं। याद रहें कि कृष्ण बिना तुलसी के भोग ग्रहण कभी नहीं करते हैं।
  • पंचोपचार : श्री कृष्ण पूजा में उपयोग होने वाली दूर्वा घास, कुमकुम, चावल, अबीर, सुगंधित फूल और शुद्ध जल को पंचोपचार या अनुलेपन का नाम दिया गया है। श्रीकृष्ण में इन सभी का होना बहुत आवश्यक होता है।

  • भोग : अगर आपने घर में श्रीकृष्ण की पूजा रखवाई है तो पूजा के दौरान श्री कृष्ण को जो भोग लगाया जाता है उसमें ताजे फल, मिठाइयां, लड्डू, मिश्री, खीर, तुलसी के पत्ते और फल शामिल ज़रूर करें।
  • सुगंधित धूप व दीप : कहते हैं कि भगवान श्री कृष्ण को सुगंधित धूप बहुत प्रिय हैं। कोशिश करें कि आप उनकी पूजा में धूप अवश्य जलाएं। आपको बता दें कि चांदी, तांबे, मिट्टी या फिर अन्य किसी धातु से बने दिए में गाय का शुद्ध देसी घी डालकर श्रीकृष्ण की मूर्ति के सामने अवश्य

प्रज्वलित करें। इससे भगवान कृष्ण जल्दी खुश हो जाएंगे।

आपके द्वारा की गई पूजा से भगवान कृष्ण प्रसन्न हो और आपको आशीर्वाद दें।

 

॥जय श्री कृष्ण ॥