अद्भुत है इस मंदिर का रहस्यमय कुंड!!!जिसका पानी पड़ जाए काला तो होती है बड़ी अनहोनी!!!

अद्भुत है इस मंदिर का रहस्यमय कुंड!!!जिसका पानी पड़ जाए काला तो होती है बड़ी अनहोनी!!!

श्रीनगर से 27 किलोमीटर दूर तुल्ला मुल्ला गांव में स्थित खीर भवानी मंदिर के चारों ओर चिनार के पेड़ और नदियों की धाराएं हैं, जो यहां की सुंदरता को बढाते हैं। मंदिर का नाम ये पड़ा क्योंकि यहां प्रसाद के रूप में भक्तों द्वारा केवल एक भारतीय मिठाई खीर और दूध ही चढ़ाया जाता है।

अद्भुत है इस मंदिर का कुंड, देश पर संकट आने से पहले ही पानी हो जाता है काला!
अद्भुत है इस मंदिर का कुंड, देश पर संकट आने से पहले ही पानी हो जाता है काला!

ऐसी मान्यता है कि किसी प्राकृतिक आपदा की भविष्यवाणी के सदृश, आपदा के आने से पहले ही मंदिर के कुंड का पानी काला पड़ जाता है। खीर भवानी मंदिर श्रीनगर के तुल्लामुला में स्थित है। खीर भवानी मंदिर यहां के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है तथा यह मंदिर माता रंगने देवी को समर्पित है।

प्रचलित कथा

एक कथा के अनुसार रामायण काल में भगवान श्री राम ने अपनी पत्नी सीता जी को रावण के चंगुल से मुक्त कराने के लिए लंका पर चढ़ाई करने का निश्चय किया। राम जी ने अपनी सारी सेना के साथ रावण के राज्य लंका पर हमला बोल दिया और युद्ध आरंभ हो गया।कहा जाता है कि उस समय देवी राघेन्या जी लंका में निवास कर रही थीं और जब युद्ध आरंभ हुआ तो उन्होंने हनुमान जी से कहा कि अब वह यहां पर रह नहीं सकतीं व उनका समय समाप्त हो चुका है। अत: वह उन्हें अब लंका से बाहर निकाल कर हिमालय से कश्मीर क्षेत्र में ले जाएं, जहां रावण के पिता पुलत्स्य मुनि निवास करते थे

पानी पड़ जाए काला तो होती है बड़ी अनहोनी
पानी पड़ जाए काला तो होती है बड़ी अनहोनी

कैसे हुआ मंदिर का निर्माण

कालांतर में यह स्थान उपेक्षा का शिकार हो गया था परंतु एक बार एक कश्मीरी पंडित को देवी राघेन्या ने नाग के रूप में दर्शन दिए तथा पंडित को उस स्थान तक ले गई जहां पर देवी का स्थान था। इसके बाद उस स्थान पर एक मंदिर का निर्माण किया गया। मंदिर में देवी की प्रतिमा स्थापित है। बाद में राजा प्रताप सिंह ने 1912 में इस मंदिर का पुनर्निर्माण कराया।