हनुमान जी की 3 चोपाई जिन्हे सिर्फ सुनने मात्र से मिलता है हनुमान जी का साथ !!

हनुमान जी की 3 चोपाई जिन्हे सिर्फ सुनने मात्र से मिलता है हनुमान जी का साथ !!

हम सभी लोग ज्यादातर लोग हनुमान चालीसा जरुर करते होंगे ऐसा माना जाता है कि हनुमान चालीसा पढ़ने से हनुमान जी प्रसन्न हो जाते हैं । और हम पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखते हैं लेकिन क्या आपको मालूम है कि हनुमान चालीसा में ही कुछ ऐसी खास चौपाइयां है जिसे सुबह उठते ही पढ़ने से हनुमान जी की आप पर कृपा बरसाते है । आप रोज हनुमान चालीसा नहीं पढ़ पाते हैं तो यह चौपाई आप रात को सोने से पहले या सुबह उठने के बाद जरूर पढ़े ।

बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरौं बल बुद्धि विद्या देहु मोहि हरहु कलेश विकार

इसका मतलब है कि हे पवन कुमार मैं आपको याद करता हूं और आपसे प्रार्थना करता हूं कि मुझे बुद्धिहीन जानकर मुझ पर कृपा करें मुझे बल बुद्धि विद्या दीजिए और मेरे सारे कष्टों को हर लीजिए ।

वहीं दूसरी चौपाई है।

सब सुख लहै तुम्हारी सरना तुम रक्षक काहू को डरना

अर्थार्थ इस चौपाई का मतलब है कि यह हनुमान जी मैं आपकी शरण में आया हूं अब आप मेरे रक्षक हो इसीलिए मुझे किसी से डरने की जरूरत नहीं।

वही तीसरी चौपाई है।

भीम रुप धरि असुर सहारे रामचंद्र के काज संवारे

अर्थात इसका अर्थ है कि हे हनुमान जी आपने विशालकाय रुप लेकर समुंद्र पार कर लिया समुंद्र पार कर गए वहां लंका में राक्षसों का संहार किया ।और भगवान राम के कामों को पूरा कर लौट आए । इस चौपाई को पढ़ने से दुख दूर होता है और घर में सुख शांति बनी रहती है । अगर आपको हनुमान चालीसा नहीं याद है तभी यह चौपाई पढ़े और अगर याद है हनुमान चालीसा पढ़ने की कोशिश करें ।

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