पढ़िए वे काम जो हनुमान जी के अलावा किसी और के वश में नहीं थे..!!!!

हनुमान जी
हनुमान जी

त्रेतायुग में भगवान श्रीराम की सहायता करने और दुष्टों का नाश करने के लिए भगवान शिव ने वानर जाति में हनुमान के रूप में अवतार लिया था। आज हम आपको हनुमानजी द्वारा किए गए कुछ कामों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें करना किसी और के वश में नहीं था, तो आइये पढ़ते हैं:

  1. समुद्र लांघना

माता सीता की खोज करते समय जामवंत ने हनुमानजी को उनके बल व पराक्रम का स्मरण करवाया और हनुमानजी ने 100 योजन विशाल समुद्र को

एक छलांग में ही पार कर लिया।

  1. माता सीता की खोज

समुद्र लांघने के बाद हनुमान जब लंका पहुंचे तो लंका के द्वार पर ही लंकिनी नामक राक्षसी से उन्हें रोक लिया। हनुमानजी ने उसे परास्त कर लंका में प्रवेश किया अशोक वाटिका में जब हनुमानजी ने माता सीता को देखा तो वे अति प्रसन्न हुए। इस प्रकार हनुमानजी ने यह कठिन काम भी बहुत ही सहजता से कर दिया।

  1. लंका दहन

माता सीता की खोज करने के बाद हनुमानजी ने उन्हें भगवान श्रीराम का संदेश सुनाया। पराक्रमी राक्षसों से भरी लंका नगरी में जाकर माता सीता को खोज करना व लंका को जलाने का साहस हनुमानजी ने बड़ी ही सहजता से कर दिया।

  1. विभीषण को अपने पक्ष में करना

हनुमानजी ने विभीषण का समर्थन किया था। अंत में, विभीषण के परामर्श से ही भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया।

  1. राम-लक्ष्मण के लिए पहाड़ लेकर आना

वाल्मीकि रामायण के अनुसार जामवंतजी के कहने पर हनुमानजी तुरंत औषधियों का पर्वत लेने उड़ चले। उस पर्वत की औषधियों की सुगंध से ही राम-लक्ष्मण व करोड़ों घायल वानर पुन: स्वस्थ हो गए।

  1. अनेक राक्षसों का वध

युद्ध में हनुमानजी ने अनेक पराक्रमी राक्षसों का वध किया, इनमें धूम्राक्ष, अकंपन, देवांतक, त्रिशिरा, निकुंभ आदि प्रमुख थे।

॥ जय हनुमान ॥

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