अगर करेंगे इस विधि से बुधवार को गणेश रूद्राक्ष को धारण तो मिलती है सदबुद्धि और सुख सम्रिधि !!

अगर करेंगे इस विधि से बुधवार को गणेश रूद्राक्ष को धारण तो मिलती है सदबुद्धि और सुख सम्रिधि !!

जीवन में अक्सर निर्णायक मोड़ आते रहते हैं जो हमारे जीवन की दशा व दिशा बदल कर रख देते हैं यदि इन निर्णायक मोड़ पर हम सही निर्णय लेते हैं तो सकारात्मक परिवर्तन होते हैं और अगर हमारे द्वारा लिया गया फैसला उल्टा पड़ जाए तो फिर जो होता है उसे देख कर हम जला जाते हैं यानी परिवर्तन नकारात्मक होते हैं कई बार हम जान बूझकर तो कई बार अनजाने में ही आत्मविश्वास में ही सही और गलत निर्णय लेने में असमर्थ होते हैं ऐसे में हम अपने निर्णय के सही गलत होने पर कोई ज्यादा खुशियों दुख जाने की आवश्यकता नहीं होती क्योंकि परिणाम चाहे जो भी रहे हम उसके लिए दिमागी तौर पर तैयार रहते हैं

 गणेश रूद्राक्ष
गणेश रूद्राक्ष

लेकिन बहुत बार निर्णय लेने में ऐसी परिस्थिति आ जाती हैं कि अपने आप को चौराहे पर खड़ा पाते हैं। और यह मालूम नहीं होता कि जाए तो जाए कहां। इसी द्वंद्व मे जब घिरे हो तो हमें कोई चाहिए कि हमें मार्गदर्शन दे सके। हमें सद्बुद्धि दे सके। अब सद्बुद्धि कौन देते हैं? वह देने वाले हैं भगवान श्रीगणेश ।और भगवान श्री गणेश को प्रसन्न करने के लिए और उनका आशीर्वाद हमेशा साथ रखने के लिए गणेश रूद्राक्ष पहना जाता है । एक अनमोल रत्न जिसे  कहते हैं गणेश रुद्राक्ष। रुद्राक्ष यानि भगवान रुद्र का अर्थ यानि भगवान शिव शंकर के नेत्रों का जल बुंद रुद्राक्ष कई तरह के होते हैं लेकिन मुख्य रुप से यह गौरी शंकर रुद्राक्ष, गणेश रुद्राक्ष और गौरी पाठ रुद्राक्ष माने जाते हैं इनमें से भगवान गणेश का रुद्राक्ष निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करता है विद्यार्थियों के लिए तो यह बहुत ही सौभाग्यशाली माना जाता है

कैसे करें गणेश रुद्राक्ष की पहचान

गणेश रुद्राक्ष की विशेष पहचान होती है रुद्राक्ष में भगवान श्री गणेश की आकृति का होना गणेश रुद्राक्ष में सूंड की तरह का देखा जाता है यह एक बहुत ही दिव्यंका माना जाता है

कैसे धारण करें गणेश रुद्राक्ष को

गणेश रुद्राक्ष को लाल धागे आज सोने व चांदी के तार में धारण किया जाता हैरुद्राक्ष धारण करने के लिए सोमवार का दिन बहुत ही शुभ माना जाता है गणेश चतुर्थी के दिन भी इस रुद्राक्ष को धारण करना बहुत सौभाग्यशाली एवं शुभ फलदाई माना जाता है हमारी सलाह है कि किसी भी रखना चाहे मोति हो या रुद्राक्ष को धारण करने से पहले किसी विद्वान ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य कर लेना चाहिए रुद्राक्ष हो या अन्य रत्न धारण करने से पहले अपनी जन्म कुंडली जरूर दिखा लेनी चाहिए क्योंकि रुद्राक्ष भारत में प्रभावी तभी रहते हैं जब आप उन्हें अपनी कुंडली में ग्रहों की दिशा व दशा के अनुसार धारण करते हैं

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