आज है मोहनी एकादशी आज जपे ये एक मन्त्र धन, सौभाग्य, उन्नति की होगी प्राप्ति !!!

आज है मोहनी एकादशी आज जपे ये एक मन्त्र धन, सौभाग्य, उन्नति की होगी प्राप्ति !!!

भगवान विष्णु जगत के पालनकर्ता करता है यदि वे किसी पर प्रसन्न हो गए तो व्यक्ति को कोई दुःख छू तक नहीं सकता। भगवान विष्णु की एकादशी तिथि में व्रत द्वारा उन्हें प्रस्सन किया जा सकता है।

पुराणों में कहा गया है की एकादशी व्रत के समान को दुसरा व्रत नहीं है। जहा कही भी भागवत का पाठ होता है।भगवान विष्णु को खुश करने के लिए कीर्तन मन्त्र और नाम सिमरन किया जाता है। और जिस जगह पर भगवान का शालिग्राम पत्थर स्थित हो।

वहा पर साक्षात् भगवान विष्णु का वास होता है। आप एकादशी की रात भगवान विष्णु की भक्ति में खो कर जागरण करे।आज की एकादशी में आप यदि इस मन्त्र का जाप करे तो आपको असीमित सुख समृद्धि, एवं अतुल्य बल की प्राप्ति हो सकती है. परन्तु ध्यान रखे की इस मन्त्र के जाप से पहले आपको स्नान कर पवित्र होना आवश्यक है।हो सके तो आप अपने स्नान वाले पानी में थोड़ा सा गंगा जल मिला ले।

इसके पश्चात भगवान श्री हरी को मात्र गंध, फूल चढ़ाकर माखन का भोग लगाए इसके पश्चात निचे दिए गए मन्त्र का जाप कर धुप, दिप से आरती करे।

मंत्र – ऊँ क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा।

मोहिनी एकादशी तिथि का आरम्भ: 28 अप्रैल 2015 को 23:06 बजे

मोहिनी एकादशी तिथि समाप्त: 30 अप्रैल 2015 को 01:41 बजे

पारण (व्रत तोडऩे का) समय: सुबह 08:18 से 08:22

हरि वासर समाप्त होने का समय: सुबह 08:18

भगवान विष्णु का वात्सल्य और प्रेम पाने के लिए उनके भक्तों को एकादशी व्रत अवश्य करने चाहिए।