जानिये दुनिया का एकमात्र शिवमंदिर जहा है एक साथ दो शिवलिंग स्थापित!!!

यह द्वि-लिंगी शिवमंदिर यहां के अलावा कहीं भी नहीं है !!!!

भारत देवी देवताओं का देश है यहा भिन्न भिन्न प्रकारो के मंदिर है। आपने एक शिवलिंग वाले मंदिर तोह बहुत देखे होंगे पर आज हम आपको एसे मंदिर के बारे मे बताएंगे जहा एक नहीं बल्कि दो शिवलिंग एक साथ स्थपित है।

ग्राम में नहाली व कुंडी नदी के संगम पर स्थित प्राचीन नागेश्वर शिव मंदिर अपने आप में अलग होने के लिए जाना जाता है। मंदिर में एक साथ स्थापित दो शिवलिंग इसे अन्य मंदिरों से अलग बनाते हैं । वहीं मंदिर में पुरातन भाषा में लगा शिलालेख इसके रहस्य को और अधिक बढ़ाता है। इस शिलालेख पर क्या लिखा है, इसका रहस्य अब तक भी नही खुल सका है। यह दुनिया का एकमात्र द्वि-लिंगी शिवमंदिर दुनिया भर मे आस्था का केंद्र है।

मंदिर के पं. दिनेश गोस्वामी ने बताया कि नागेश्वर शिव मंदिर का जीर्णोद्घार ओरंगजेब के सेनापति मीर सिकंदर अली द्वारा सन्‌ 1409 में किया गया था। मंदिर का निर्माण इससे भी कई वर्ष पूर्व का है। शिवलिंग के नीचे नागा पंत महात्मा ने जीवित समाधि ले रखी है। श्रद्घालुओं का मानना है कि द्वि-लिंगी शिव मंदिर क्षेत्र में और कहीं भी नहीं है। इसके चलते इस मंदिर का विशेष महत्व है।

मान्यता है कि सावन मास में इस प्राचीन नागेश्वर शिव मंदिर में स्थापित शिवलिंगों की एक साथ पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। मंदिर में इन अद्भुत शिवलिंगों के दर्शन व पूजन के लिए दूर-दूर से श्रद्घालु आते हैं।भक्तगण यहा शिवलिंग की पूजा कर सूखी जीवन का आशीर्वाद लेते हैसावन में विशेष रूप से सोमवार को खासी भीड़ रहती है।