यहां पहाड़ी चीर के निकली थी दुर्गा मां,कभी नहीं सूखता है यहाँ का तालाब!!!

 यहां पहाड़ी चीर के निकली थी दुर्गा मां!!!!

आगोलाई की बालेसर तहसील की ग्राम पंचायत दुगर गांव स्थित पहाड़ी में बने दुर्गा माता के वरदान से गांव के सार्वजनिक तालाब का पानी आज तक कभी नहीं सूखा है। राजस्थान की धरती होने से यहां अकाल भी पड़ता है। लेकिन तालाब पर माता की मेहर है।

यहां पहाड़ी चीर के निकली थी दुर्गा मां
यहां पहाड़ी चीर के निकली थी दुर्गा मां

यहां माता को धोक लगाने के साथ ही मन्दिर परिसर में स्थित भैरूजी को धोक लगाया जाता है। इसके बिना मन्नत पूरी नहीं होती। तीस वर्षों से मन्दिर में सेवा करने वाले पुजारी गिरधारीदास वैष्णव का परिवार यहां डेढ़ सौ वर्षों से पूजा कर रहा है। पुजारी ने कहा कि इस गांव पर मां की कृपा से आज तक कोई बाहरी संकट नहीं आया है।

मंदिर में है चमत्कारी गुफानुमा खिड़की

आगोलाई की बालेसर तहसील की ग्राम पंचायत दुगर गांव स्थित पहाड़ी में बने दुर्गा माता के मन्दिर की स्थापना लगभग 260 वर्ष पहले की है। बताया जाता है कि मन्दिर में स्थित दुर्गा माता की मूर्ति पहाड़ी चीर कर निकली थी। मन्दिर में लगे शिलालेख से मन्दिर निर्माण विक्रम संवत 1810 में हुआ था। मन्दिर के पुजारी गिरधारीदास वैष्णव ने दुगर गांव की पहाड़ी में बने इस मन्दिर के बारे में बताया कि मन्दिर के पास स्थित बारी (खिड़की) में से बच्चों को निकालने पर कालीखांसी (मारवाड़ी भाषा में खुलखुलिया रोग) ठीक हो जाता है

गुफा नुमा खिड़की
गुफा नुमा खिड़की

सफल वैवाहिक जीवन की कामना के लिए नवाते हैं शीश

यहां नवरात्रा के दौरान आस-पास के क्षेत्र से श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। दुगर, आगोलाई, सुराणी सहित अनेक जगहों से विवाह के बाद वर-वधू यहां पर दुर्गा माता को धोक लगा कर सफल वैवाहिक जीवन की कामना करने आते हैं। यहां से अन्यत्र बसे लोग भी परिवार में विवाह के बाद एक बार अवश्य शीश नवाने मंदिर आते हैं।

दुर्गा माता की प्रतिमा
दुर्गा माता की प्रतिमा