इस नवरात्रि भूलकर भी ना करे माँ लक्ष्मी के इस स्वरूप की पूजा!!!हो सकता है आपको भारी नुकसान!!!

नहीं करनी चाहिए देवी लक्ष्मी के इस स्वरूप की पूजा, होगा विपरित परिणाम!!!

हिन्दू धर्म में हर देवी-देवता को एक अलग और विशिष्ट स्थान प्रदान किया गया है। साथ ही यह भी मान्यता है कि ये सभी देवी-देवता मनुष्य की अलग-अलग मनोकामनाओं को पूरा कर उन्हें अपना आशीर्वाद प्रदान करते हैं। धन संबंधी सभी परेशानियों से मुक्ति के लिए लक्ष्मी पूजा करना सबसे अच्छा माना जाता है।

कहा जाता है कि सही विधि से की गई पूजा जल्दी ही सकारात्मक फल प्रदान करती है। लक्ष्मी पूजा में सबसे अधिक महत्व देवी की फोटो का होता है। शास्त्रों के अनुसार शुभ बताए गए फोटो की पूजा करने से घर-परिवार को दरिद्रता से छुटकारा मिल जाता है। लेकिन देवी महालक्ष्मी के किस फोटो की पूजा नही  की आइए जानते हैं।

नहीं करनी चाहिए देवी लक्ष्मी के इस स्वरूप की पूजा, होगा विपरित परिणाम!!!
नहीं करनी चाहिए देवी लक्ष्मी के इस स्वरूप की पूजा, होगा विपरित परिणाम!!!

पुराणों की मानें तो देवी लक्ष्मी का एक स्वरूप ऐसा भी है जिसकी पूजा करना आपके लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है और देवी का यह स्वरूप है उल्लू वाला। कहा जाता है कि जिस स्वरूप में देवी लक्ष्मी उल्लू की सवारी कर रही हो, उसकी पूजा करना धन लाभ की जगह धन हानि करवाता है। फिर भी अगर आपको धन प्राप्त हो भी जाए तो भी वह किसी अच्छे कार्य में खर्च ना होकर व्यर्थ का ही खर्चा तैयार कर देगा।

क्यों नहीं करना चाहिए

दरअसल उल्लू को लक्ष्मी का वाहन माना गया है, जो अंधेरे का जीवन है। उल्लू स्वभाव से चंचल तो है लेकिन इसे अज्ञानता और अंधकार का भी प्रतीक माना गया है। लक्ष्मी के उल्लू की सवारी करते हुए स्वरूप में लक्ष्मी को चंचल माना गया है। अगर इस स्वरूप की पूजा की जाए तो लक्ष्मी उसके पास आती तो है लेकिन ठहरती नहीं है।

 कैसे स्वरूप की करें पूजा

शास्त्रों की मानें तो अगर लक्ष्मी जी के उस स्वरूप की पूजा की जाए जिसमें वो विष्णु जी के साथ गरुड़ की सवारी कर रही हों तो लक्ष्मी जी घर में आती भी हैं और वास भी करती हैं। इसलिए इस स्वरूप की आराधना करना शुभ माना गया है।इसके अलावा आप अपने घर या दुकान पर देवी लक्ष्मी कमल के फूल पर विराजमान वाले फोटो को लगाते हैं तो यह सबसे उपयुक्त है।