दीपावली 2020: धनतेरस से दिवाली और भाई दूज तक जानें त्यौहारों की तिथि और शुभ मुहूर्त :

दीवाली 2020 : दिवाली का त्यौहार हिंदू धर्म में बेहद ही खास है। ये हिंदू धर्मों के प्रमुख त्यौहारों में से एक है। इस साल दीपावली 14 नवंबर को पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, दिवाली के दिन ही श्री राम ने लंकापति रावण का वध कर अयोध्या वापस लोटे थे। इसी खुशी में ही दिवाली मनाई जाती है। उनकी वापसी पर अयोध्या ने दीप प्रज्ज्वलित किए गए थे तथा उनका शानदार स्वागत किया गया था। इस दिन देवी लक्ष्मी और कुबेर पूजन की जाती है।तो आइए जानते हैं दिवाली सप्ताह की महत्वपूर्ण तिथियां, पूजा का समय, शुभ मुहूर्त और दिवाली सप्ताह के बारे में।

तो आइए जानते हैं धनतेरस से भाई दूज तक के शुभ मुहूर्त-

धनतेरस:

धनवंतरी को दीपावली से एक दिन पहले मनाया जाता है। यह त्यौहार इस साल 13 नवंबर को मनाया जाएगा। धनतेरस का मुहूर्त शाम 5 बजकर 34 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 1 मिनट तक रहेगा । इस दिन प्रदोष काल शाम 5 बजकर 28 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। वृषभ काल मुहूर्त शाम 5 बजकर 34 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 29 मिनट तक रहेगा।

छोटी दीपावली:

नरक चतुर्दशी यानी की छोटी दिवाली, मुख्य त्यौहार से एक दिन पहले मनाई जाती है। हिंदू पंचांग के मुताबिक, कार्तिक माह की चतुर्दशी तिथि पर छोटी दिवाली मनाई जाती है। इस दिन को नरक चौदस या रूप चौदस भी कहते है।ये त्यौहार 14 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन अभयदान (दीवाली स्नान अनुष्ठान) का शुभ समय प्रातः 5:23 से शुरू होकर 6:43 बजे तक का है।

दीपावली:

यह त्यौहार भी इस साल 14 नवंबर को मनाया जाएगा। दिपावली के शुभ मुहूर्त की बात करें तो लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त शाम 5 बजकर 30 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 25 मिनट तक का है। प्रदोष काल मुहूर्त शाम 5 बजकर 27 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 6 मिनट तक रहेगा। वृषभ काल मुहूर्त शाम 5 बजकर 30 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 25 मिनट तक रहेगा।

गोवर्धन पूजा:

गोवर्धन पूजा अमावस्या के दिन की जाती है। इस साल गोवर्धन पूजान 15 नवंबर को की जाएगी। इस दिन श्री कृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर भगवान इंद्र को हराया था। हिंदू धर्म में गोवर्धन पूजन का विशेष महत्व है। गोवर्धन पूजा का सायंकाल मुहूर्त दोपहर 3 बजकर 18 मिनट से लेकर 15:18:37 से शाम 5 बजकर 27 मिनट तक रहेगा।

भाई दूज:

भाई दूज या भैया दूज को भाई टीका, यम द्वितीया, भ्रातृ द्वितीया आदि भी कहते है। इसे कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस पर्व के मुहूर्त की बात करें तो भाई दूज के तिलक का समय दोपहर 1 बजकर 10 मिनट से लेकर दोपहर 3 बजकर 18 मिनट तक है।