लाख कोशिशो के बाद भी नहीं हो रही आपकी मनोकामना पूरी तो सिर्फ 40 दिन लगाए इस मंदिर में हाजरी गारन्टी के साथ पूरी होगी कोई भी मनोकामना !!

सिर्फ40 दिन लगाए इस मंदिर में हाजरी गारन्टी के साथ पूरी होगी कोई भी मनोकामना !!

कोई भी व्यक्ति चाहे वह राजा हो या रंक भगवान के सामने सब एक समान है, हर कोई उनके दरबार में अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए प्राथना करने आता है ।भगवान से अपनी मनोकामना की पूर्ति के लोग भगवान को हर प्रकार से प्रसन्न करने का प्रयास करते है, जिसके लिए वह तरह तरह के धार्मिक अनुष्ठान भी करवाते है, परन्तु उनको फिर भी पता नहीं होता की उनकी मुराद आखिर कब पूरी होगी ।परन्तु शायद आपको यह बात सुन थोड़ा अजीब लगे की माता का एक ऐसा भी मंदिर है जहां लागातार सिर्फ चालीस दिन माता के दर्शन करने से आपकी हर मनोकामना पूरी हो जायेगी, लेकिन ये बिलकुल सच बात है ।

आपको इस बात पर तब यकीन हो ही जाएगा जब हम ये बताएंगे की हरियाणा के पंचकूला में मनसा देवी मंदिर स्थित है , इस मंदिर में जो भी व्यक्ति 40 दिन तक लागातार हाजिरी लगाता है उसकी मनोकामना गांरटी के साथ पूरी होती है ।

मान्यता के अनुसार कहा जाता है कि जब माता सती अपने पिता राजा दक्ष के घर अश्वमेध यज्ञ में बिना बुलाए पहुंची तो वहां किसी ने उनका सत्कार नहीं किया और माता ने अग्नि कुंड में कूदकर आत्मदाह कर दिया ।सती के आत्मदाह की खबर लगते ही भगवान शिव यज्ञ स्थान पर पहुंचे और सती का शरीर लेकर तांडव नृत्य करते हुए भटकने लगे. भगवान शिव के इस उग्र रूप को देखकर सभी देवता बहुत चिंतित हुए, तब जाकर भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर को खंड-खंड कर दिया ।

भगवान विष्णु द्वारा सुदर्शन चक्र के प्रहार से कई जगहों पर सती के शरीर के अंग गिरे, जहां-जहां सती के शरीर के अंग गिरे उन सभी स्थानों पर शक्तिपीठों की स्थापना हुई और शिव ने कहा कि इन स्थानों पर भगवती की भक्ति भाव से आराधना करने पर मनोकामना पूरी होगी ।

पंचकूला शिवालिक गिरिमालाओं पर देवी के सिर का हिस्सा गिरा था, जिसके चलते यहां मनसा देवी शक्तिपीठ की स्थापना हुई और लोग यहां दर्शन के लिए आने लगे ।मनसा देवी मंदिर के दरबार से कोई खाली हाथ नहीं लौटताप्राकृतिक सौंदर्य के बीच स्थित सतयुगी सिद्ध मनसा देवी मंदिर के बारे में मान्यता यह है कि अगर कोई भी भक्त सच्चे मन से लगातार 40 दिन तक यहां आकर पूजा-अर्चना करता है, उसकी मनोकामनाएं अवश्य पूरी होती है ।यहां चैत्र नवरात्र और आश्विन मास के नवरात्र में काफी रौनक देखने को मिलती है।इस दौरान भारी तादात में भक्त माता के इस दराबार में हाजिरी लगाने के लिए आते हैं ।