आश्चर्यचकित कर देगा कौवे से जुड़ा यह प्राचीन एवम् पौराणिक रहस्य, क्या है इसका रिश्ता यमराज के साथ !!!

हम अपने पितरो का श्राद इत्यादि करते है तब हम इस पक्षी को अहमियत देते है तथा पितरो के भोजन के साथ कौए के भोजन के लिए भी अलग से थाली लगाई जाती है.


दरअसल पुराणों के अनुसार यह वर्णित है की कौआ यमराज का दूत है. और जब हम श्राद के अवसर पर अपने पितरो को अन्न अर्पित करते है तथा कौवे के लिए भी अलग से अन्न की थाली लगते है तो कौआ यमराज का दूत होने के कारण यमलोक में जाकर हमारे पूर्वजो को उनकी सन्तान एवम उनकी स्थिति के बारे में अवगत कराता है.
इससे हमारे पूर्वजो की आत्माओ को तृप्ति मिलती है की उनकी सन्तान सुख सुविधाओ के साथ अपना जीवन निर्वाह कर रहे है.


इस पक्षी से जुड़ा एक और रहस्य यह है की इसकी कभी भी स्वाभाविक मृत्यु नही होती…!!!
यह हमेशा आकस्मिक मृत्यु का शिकार होता है