महाकाल बाबा के इस मंदिर के चमत्कार को जानकर हो जायेंगे हैरान..!!!!

जी हाँ आज हम आपको ऐसे ही एक शिव मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके चमत्कार का राज आज तक कोई नहीं जान पाया है।

यह शिव मंदिर झारखण्ड के रामगढ़ जिले में स्थित है। इस मंदिर के बारे में जानने के बाद हर कोई इस मंदिर में आकर भगवान शंकर के दर्शन करना चाहता है।

जहां घटित होते हैं चमत्कार:

वैसे तो हम भगवान शंकर के कई चमत्कारों के बारे में जानते हैं, जो पहले घटित हुआ करते थे। लेकिन यह एक ऐसी जगह है, जहाँ आज भी चमत्कार होते हैं।

आपको जानकर हैरानी होगी कि इस मंदिर में भगवान शंकर के शिवलिंग पर 12 महीने 24 घंटे जलाभिषेक होता रहता है।

आपको बता दें की, मान्यता के अनुसार यह पूजा भगवान शंकर की युगों से की जा रही है। इस मंदिर का वर्णन पुराणों में भी किया गया है। यहाँ आने वाले भक्तों के अनुसार यहाँ माँगी जाने वाली सभी इचाछायें पूर्ण हो जाती हैं।

 

जब भक्त हुए फिरंगी :

सूत्रों के अनुसार जब इस मंदिर के बारे में अंग्रेजों को जानकारी हुई तो वह भी इसके चमत्कार को देखने के लिए आये। वो इस मंदिर में होने वाले चमत्कार को देखकर दंग रह गए।

इस तरह की घटनाएँ इस जगह पर हमेशा होने से भगवान में लोगों की आस्था दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। कहते हैं कि इसे बहुत पहले खोजा गया था।

बहुत गहराई में जाने पर एक शिवलिंग मिला और उसके बाद गंगा की एक मूर्ति भी मिली। मूर्ति के हाथ से लगातार जल शिवलिंग पर गिरता रहता था। आज भी ऐसे ही गंगा की हथेली से होते हुए जल शिवलिंग पर गिरता है।

गिरते जल का अनसुलझा रहस्य:

आज भी यह चमत्कारी मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। इस शिव मंदिर को पहले “टूटी झरना” के नाम से जाना जाता था।

आज तक लोग यह नहीं जान पाए कि आखिर शिवलिंग के ऊपर गिरने वाला पानी आता कहाँ से है। आपको बता दें इस मंदिर में दर्शन के लिए लोग दूर-दूर से पहुँचते हैं। वर्ष भर यहाँ मेला जैसा माहौल बना रहता है।

इस मंदिर में भगवान शंकर के दर्शन मात्र से ही लोगों की सभी मनोकामनाएँ पूरी हो जाती हैं। शिवलिंग पर गिरने वाले जल को भक्त प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं, इससे उनका मन शांत होता है और कष्टों से लड़ने की शक्ति मिलती है।

प्रभु अपने ऐसे ही चमत्कारों से सभी में ऊर्जा का संचार निरंतर करते रहते है।