एक ऐसा शिव मंदिर ,जहाँ मृत शरीर भी हो जाता हे कुछ देर के लिए जीवित…

भारत देश में धार्मिक स्थलों की कमी नहीं हे| भारत में अनेक शिव मंदिर हे| आज हम आपको शिव के एक इसे चमत्कारी मंदिर के बारे बताएँगे जिसके बारे में आपने शायद ही कभी सुना होगा| शिवजी का ये मंदिर देहरादून से 28 की.मी. दूर एक गाव में प्रकृति की वादियों में बसा हुआ हे| यह स्थान बर्निगाद नमक स्थान पर बना हु हे जो की 4 की.मी. की दुरी पर हे यमुना तट से| प्राचीन अवशेषों से घिरी यहाँ शिव की एक गुफा हे| यह मंदिर प्राक्रतिक सोंदर्य से घिरा हुआ हे| खुदाई के दोरान इस मंदिर में हजारो शिवलिंग की उत्पत्ति हुई थी|

यह मंदिर युधिस्टर द्वारा स्थापित किया गया हे| वहा के लोगो का एसा मानना हे की युधिस्टर ने यहाँ शिवलिंग की स्थापना लाक्ष्ग्रह से बचने के बाद अग्यात्वाश के दोरान हुई थी| दो द्वारपाल मंदिर के गेट पर पश्चिम में मुख कर खड़े हुए हे और मंदिर में सबसे मुख भूमिका इन द्वारपालों की मानी गयी हे| इस शिवलिंग को लोग महामंडलेश्वर के नाम से जान्ते हे | यह मंदिर सोंदर्य का भी प्रतीक हे|

इस मंदिर के बारे में लोगो का कहना हे की यहाँ मृत व्यक्ति भी जीवित हो जाता हे| यहाँ किसी भी मृत शरीर को द्वारपाल के समक्ष रखने के बाद शुद्ध एवं पवित्र जल मंदिर के पुजारी द्वारा शरीर पर छिड़का जाता हे और जल छिड़कते ही उस मृत शरीर में आत्मा फिर से आ जाती हे| परन्तु आत्मा बस चंद सेकंड के लिए आती हे| जेसे ही शरीर पर जल डाला जाता हे वेसे ही मृत शरीर जीवित होकर भगवान् का नाम लेता हे और उसे गंगाजल पिलाया जाता हे और इस पूरी विधि के बाद आत्मा फिर से शरीर के बाहर निकल जाती हे|

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