पढ़िए एक अनोखे मंदिर के बारे में जहा नहीं आ सकता कोई भी भ्रष्टाचारी व्यक्ति…!!!

पढ़िए एक अनोखे मंदिर के बारे में जहाँ नहीं आ सकता कोई भी भ्रष्टाचारी व्यक्ति…!!!

शनि देव की मूर्ति

भारत सहित दुनिया के अनेक देशों में भ्रष्टाचार बड़ी समस्या है।यह समस्या कब खत्म होगी किसीको नहीं पता लेकिन उत्तर प्रदेश के एक छोटे से जिले में एक ऐसे शनि मंदिर का निर्माण किया गया है, जिसका मकसद भ्रष्टाचार को रोकना है। इस मंदिर में किसी भी भ्रष्ट अधिकारी या नेता के आने पर पूर्ण पाबन्दी है।

यह सुनने में आपको अजीब जरूर लगेगा पर ये बिलकुल सही बात है । वास्तव में इस मंदिर में किसी भी भ्रष्ट अधिकारी या नेता के आने पर पूर्ण पाबन्दी है ।भ्रष्टाचार मिटाने के लिए एक अदभुत शनि मंदिर का निर्माण कराया है।शनि देव न्याय के देवता है इसलिए उनके मंदिर का निर्माण करवाया गया है

कानपुर विश्वविद्यालय के पीछे स्थित इस मंदिर का नाम भ्रष्ट तंत्र विनाशक शनि मंदिर है। भ्रष्ट तंत्र विनाशक मंदिर का निर्माण करवाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता रॉबी शर्मा का उद्देश्य है कि लोग भ्रष्ट अधिकारियों, नेताओं-मंत्रियों और न्यायाधीशों को भगवान ना समझ उनका बहिष्कार करें। शायद इस बहिष्कार से वो अपनी सोयी अंतर्चेतना की आवाज़ सुन आत्म-सुधार की ओर बढ़ सकें।

मंदिर के निर्माण के बाद उसका लोकापर्ण पवन राणे बाल्मीकि नामक नि:शक्त व्यक्ति से कराया गया। उसके पीछे का कारण ये समझ जा सकता है भगवान के सामने सब एक जैसे ही है, चाहे उसमे कोई कमी ही क्यों न हो।

निजी भूमि पर बने इस शनि मंदिर में मूर्तियों को भी तर्कों के आधार पर स्थापित किया गया है। शनि देव की तीन मूर्तियों के साथ ब्रह्मा की मूर्ति ऐसे रखी गयी है जिससे लगता है कि ब्रह्मा सीधे शनि देव को देख रहे हों। इन मूर्तियों के साथ ही एक

भ्रष्ट तंत्र विनाशक शनि मंदिर

मूर्ति हनुमान की भी स्थापित की गयी है, क्योंकि कहा गया है हनुमान भक्तो पर शनि की विशेष कृपा होती है।

मंदिर में अधिकारियों, मंत्रियों व नेताओं, इलाहाबाद और उच्चतम न्यायलय के न्यायधीशों की तस्वीरों को इस तरह लगाया गया है कि शनि देव की सीधी निगाह उन पर पड़ी रहे। इसके पीछे का मकसद बस इतना है कि व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के जिम्मेदार इन लोगों द्वारा जनता विरोधी निर्णय लेने की स्थिति में इन्हें शनि देव का कोपभाजन बनना पड़े,और ऐसा भी कहते है शनि देव अपनी नजर रखते है सबके ऊपर और जरुरी न्याय भी करते है ।

भ्रष्ट तंत्र विनाशक शनि मंदिर में सामान्य नागरिकों का प्रवेश मान्य है, लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों, मंत्रियों, न्यायधीशों का प्रवेश वर्जित है। इसके साथ ही यह प्रावधान किया गया है कि 20 वर्षों के समय में अगर व्यवस्था में सुधार होता है तो इन वर्जित वर्गों को भी मंदिर में प्रवेश मिल सकता है।

इस मंदिर की विशेष बात यह है , इस मंदिर में मूर्तियों के ऊपर तेल चढ़ाना, प्रसाद चढ़ाना और घंटा बजाना निषिद्ध है। हालांकि, यहाँ लौंग, इलायची और काली मिर्च के साथ मिट्टी के दीये बिना किसी के रोके श्रद्धा पुर्वक चढ़ाये और जलाये जा सकते हैं। इसके साथ ही शराबियों का वहाँ प्रवेश, थूकना, खैनी चबाना आदि घृणित कृत्य की सूची में रखे गये हैं। भक्तों का भरोसा है कि जो भी इस मंदिर में हाजिरी देता है और अपनी पीड़ा भगवान को बताता है, उसके साथ इन्साफ होता है तथा भ्रष्ट लोगों को दंड जरूर मिलता है।

।।जय शनि देव ।।