दुनिया का एकमात्र मँदिर जहा है बाबा भोलेनाथ कि डरावनी आंखे और मूँछों वाली मुर्ती!!!

दुनिया का एकमात्र मँदिर जहा है बाबा भोलेनाथ कि डरावनी आंखे और मूँछों वाली मुर्ती!!!

भारत मे विभिन्न देवी देवताओ का वास है जितने देवि देवता उनसे ज्यादा उनके मँदिर। आपने शिव के लिंग स्वरूप की तो हर मँदिर मे पूजा की होगी जिसपर ना आँखें दिखाई देती है और ना ही मूँछ। पर आज हम आपको ऐसे मँदिर के बारे मे बताने जा रहे है जहां शिव जी डरावनी आंखे और मूँछों के साथ स्थापिथ होकर भक्तो को दर्शन देते है।

आगरा जनपद की बाह तहसील में आगरा से 70 किमी और शिकोहाबाद से 22 किमी दूर स्थित बटेश्वर अपनी पौराणिकता और ऐतिहासिकता के लिए मशहूर है। बाह से दस किलोमीटर उत्तर में यमुना नदी के किनारे भगवान शिव का प्रसिद्ध तीर्थ बटेश्वर धाम है। यहां मंदिर में शिव को डरावनी आंखों और मूंछों में दिखाया गया है, जबकि उनके और पार्वती के बैठने का अंदाज सेठ-सेठानी जैसा है। यह मूर्तियां पूरी दुनिया में इकलौती हैं। कहा जाता है कि यहीं एक टीले पर महाराज उग्रसेन को कंस मिला था, जिसे उन्होंने बक्से में बंद कर जन्म के बाद ही बहा दिया था।

बटेश्वर आज भव्य शिव मंदिरों का तीर्थ बन चुका है। यहां यमुना के तट पर एक लाइन में 101 मंदिर स्थित हैं जिनको राजा बदन सिंह भदौरिया ने बनवाया था। राजा बदन सिंह ने यमुना नदी के प्रवाह को, जो कभी पश्चिम से पूर्व की ओर था, उसको बदल कर पूर्व से पश्चिम की ओर अर्थात बटेश्वर की तरफ कर दिया गया था। इन मंदिरों को यमुना नदी के प्रवाह से बचाने के लिए एक बांध का निर्माण भी राजा बदन सिंह भदौरिया ने कराया था।