जरूर पढ़ें; ये 3 रोचक रहस्य जो जुड़े है भगवान विष्णु से..!!!

भारतीय पौराणिक कथा (Indian Mythological Story)

हमारे पुराणों में भगवान विष्णु (Vishnu) को जगत के पालनहार के रूप में माना गया है। पुराणों(Puran) में भगवान उनके दो रूप दिखाए गए हैं। जहाँ एक ओर तो उन्हें बहुत शांत, प्रसन्न और कोमल सौम्य रूप में काल स्वरुप शेषनाग(Sheshnaag) पर आरामदायक मुद्रा में लेते हुए दिखाया गया है। वहीँ दूसरी ओर उनका चेहरा बहुत भयानक दिखाया गया है।

भगवान विष्णु
भगवान विष्णु

शास्त्रों में भगवान विष्णु के बारे में लिखा है कि – “शान्ताकारं भुजगशयनं”। इसका अर्थ यह है कि भगवान शांत भाव से शेषनाग पर आराम कर रहे हैं।

इस रूप को देखकर प्रत्येक व्यक्ति के मन में यह प्रश्न उठता है कि सर्पों के राजा के नीचे बैठकर कोई इतना शांत कैसे रह सकता है? वैसे वे तो भगवान हैं और उनके लिए सब कुछ संभव है। उनके पास कई अन्य शक्तियां और राज़ हैं जो आपको आश्चर्यचकित कर सकते हैं। आज हम आपको उनके ३ रहस्यों के बारे में बता रहें है जो आपके लिए पढ़ना रोचक रहेगा और इन रहस्यों के पीछे भगवान् द्वारा बताया गया सन्देश छुपा हुआ है जो आपको जरूर जानना चाहिए।

श्री हरी विष्णु
श्री हरी विष्णु

भगवान विष्णु से जुड़े रहस्य

  1. भगवान विष्णु के शेषनाग पर आराम करने के पीछे क्या रहस्य है?

व्यक्ति के जीवन का प्रत्येक क्षण कर्तव्यों और जिम्मेदारियों से संबंधित होता है।

इनमें से परिवार, सामाजिक और आर्थिक कर्तव्य सबसे अधिक महत्वपूर्ण हैं।

हालाँकि इन कर्तव्यों को पूरा करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को बहुत प्रयास करना पड़ता है।

अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है जो काल रूपी शेषनाग के समान डरावनी होती हैं तथा इसके कारण चिंता उत्पन्न होती है।

भगवान का शांत चेहरा ऐसी कठिन परिस्थितियों में हमें शांत रहने की प्रेरणा देता है।

समस्याओं का समाधान शांत रहकर ही सफलतापूर्वक ढूँढा जा सकता है।

  1. भगवान विष्णु का नाम “नारायण” क्यों है?

आपने अक्सर भगवान् विष्णु के परम भक्त नारद मुनि(Narad Muni) को “नारायण नारायण” करते सुना होगा ।

भगवान् विष्णु को नारायण क्यों कहा जाता है।

भगवान विष्णु
भगवान विष्णु

एक पौराणिक कथा (Mythological Story)के अनुसार पानी का जन्म भगवान विष्णु के पैरों से हुआ है।

गंगा नदी का एक नाम “विष्णुपदोद्की” भी है अर्थात भगवान विष्णु के पैरों से निकली हुई जो इस बात को सही सिद्ध करती है।

इसके अलावा पानी को “नीर” या “नर” भी कहा जाता है तथा भगवान भी जल में ही निवास करते हैं।

अत: “नर” शब्द से उनका नारायण(Narayan) नाम पड़ा है। इसका अर्थ यह है कि पानी में भगवान निवास करते हैं।

धार्मिक कथा ( Religious Story)

  1. भगवान विष्णु का नाम “हरि” क्यों है?

आपने सुना होगा कि भगवान विष्णु को “हरि” नाम से भी बुलाया जाता है।

भगवान विष्णु
भगवान विष्णु

हरि(Hari) का अर्थ है दूर करने वाला या चुराया हुआ।

ऐसा कहा जाता है कि “हरि हरति पापानि” ।

हरि भगवान(Bhagwan) हमारे जीवन में आने वाली समस्याओं को सभी दुखों को तथा हमारे पापों को दूर करते हैं।

जो भी भक्त प्रभु की शरण में जाता है वो सभी प्रकार की मोह माया से दूर हो जाता है।

 

 

॥ जय श्री कृष्ण ॥

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