भगवान के घर में भूलकर भी कभी न करें यह काम,नहीं तो भगवान खुश होने के बजाएं हो जाएंगे नाराज..!!!

भगवान के घर में भूलकर भी कभी न करें यह काम,नहीं तो भगवान खुश होने के बजाएं हो जाएंगे नाराज..!!!

भगवान का घर यानि मंदिर
भगवान का घर यानि मंदिर

सभी के घर में भगवन का घर यानि मंदिर जरूर होता है। देवी देवताओं की कृपा के लिए घर का मंदिर वास्तु दोष से पूर्णतः मुक्त होना चाहिए यदि वास्तु विपरीत हो तो पूजा से पूर्णतः लाभ नहीं मिल पाता है।

इसलिए आज हम आपको कुछ ऐसी ही जरूरी बातें आज बता रहे हैं:

1.मंदिर में एक ही भगवान की दो तस्‍वीरें ना रखें।

2.वास्‍तु के हिसाब से पूजा घर हमेशा पूर्व या उत्‍तर दिशा में ही होना चाहिए।मंदिर का पश्चिम या दक्षिण दिशा में होना अशुभ फलों का कारण बन सकता है।

3.घर के मंदिर में पूजा करने के लिए दो शंख ना रखें।इनमे से एक शंख हटा दें।

4.घर में मंदिर या पूजाघर के ऊपर या आस-पास में शौचालय नहीं होना चाहिए।

5.मंदिर को रसोईघर में बनाना भी वास्‍तु के हिसाब से उचित नहीं माना जाता है।

6.सीढ़ियों के नीचे या फिर तहखाने में भूलकर भी मंदिर न बनवाएं।

7.घर के मंदिर में ज्यादा बड़ी मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए।

8.बताया जाता है कि यदि हम मंदिर में शिवलिंग रखना चाहते हैं तो शिवलिंग हमारे अंगूठे के आकार से बड़ा नहीं होना चाहिए। शिवलिंग बहुत संवेदनशील होता है और इसी वजह से घर के मंदिर में छोटा-सा शिवलिंग रखने की सलाह दी जाती है।

9.भगवान की मूर्तियों को एक-दूसरे से कम से कम 1 इंच की दूरी पर रखें।एक ही घर में कई मंदिर भी न बनाएं वरना मानसिक, शारीरिक और आर्थिक समस्‍याओं का सामना करना पड़ सकता है।

10.शास्त्रों के अनुसार खंडित मूर्तियों की पूजा वर्जित है।खंडित मूर्तियों की पूजा अशुभ मानी गई है।