अवंतिका देवी मंदिर;जहाँ से हरण किया था रुक्मणि का श्री कृष्ण ने,नहीं चढ़ती मूर्ति पर चुनरी..!!!!

पौराणिक कथाएं (Mythological Stories)

उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर जिले में अनूपशहर तहसील के जहांगीराबाद से करीब 15 किमी. दूर एक मंदिर स्थित है।  कहा जाता है यह वहीँ मंदिर है जहाँ श्रीकृष्ण(Shree Krishna) ने रुक्मिणी(Rukmani) से ‘हरण विवाह’ किया था।

श्री कृष्ण के साथ देवी रुक्मणि का विवाह
श्री कृष्ण के साथ देवी रुक्मणि का विवाह

रुक्मिणी(Rukmani) का जिस मंदिर से हरण किया था यह वहीँ मंदिर(Mandir) है। इस मंदिर का नाम है ‘अवंतिका देवी मंदिर‘। यह मंदिर गंगा(Ganga) नदी के तट बना हुआ है।

अवंतिका देवी मंदिर(Awantika Devi Mandir)

महाभारत(Mahabharat) और श्रीमद्भागवद में इस जगह का उल्लेख मिलता है। महाभारत(Mahabharat) काल यह मंदिर अहार नाम से जाना जाता था। रुक्मिणी के भाई रुकन और पिता ने उनकी शादी शिशुपाल से तय कर दी थी। रुक्मिणी शिशुपाल से नहीं बल्कि श्री कृष्ण(Krishna) से शादी करना चाहती थी।

अवंतिका देवी मंदिर में माँ की मूर्ति
अवंतिका देवी मंदिर में माँ की मूर्ति

इसलिए देवी रुक्मणि ने यह बात मंदिर(Mandir) के पुजारी के माध्यम से श्री कृष्ण तक पहुंचाई । फिर कृष्ण(Krishna) ने  आकर रुक्मणि का हरण किया । यहां रुक्मिणी रोजाना गंगा किनारे स्थापित देवी के मंदिर में पूजा करने आती थीं। इसी मंदिर पर श्रीकृष्ण और रुक्मिणी का मिलाप हुआ था।

मंदिर में दो मूर्तियां हैं।  जिनमें बाईं तरफ मां भगवती जगदंबा की है । दूसरी दायीं तरफ सतीजी की मूर्ति है। यह दोनों मूर्तियां ‘अवंतिका देवी‘(Awantika Devi) के नाम से प्रतिष्ठित हैं।

श्री कृष्ण के साथ देवी रुक्मणि
श्री कृष्ण के साथ देवी रुक्मणि

मंदिर(Mandir) के बारे में बताया जाता है की यहाँ पर देवी को पोशाक और चुनरी नहीं चढ़ाई जाती है। बल्कि सिन्दूर व देशी घी का चोला (आभूषण) चढ़ाया जाता है।

ऐसा भी कहा जाता है की जो भी भक्त माँ अवंतिका देवी पर सिन्दूर व देशी घी का चोला चढ़ाता है।   माता अवंतिका देवी उसकी समस्त मनोकामना पूर्ण करती हैं। अविवाहित कन्याएं यदि ऐसा करें तो उनकी विवाह की इच्छा जल्द ही पूरी होती है। वह इसीलिए क्योंकि यहां रुक्मिणी ने श्रीकृष्ण(Krishna) को पति रूप में प्राप्त करने के लिए देवी का पूजन किया था।

अवंतिका देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़

अवंतिका देवी(Awantika Devi) का यह मंदिर काफी प्रसिद्ध है। जहां दूर-दूर से मां के भक्त दर्शनार्थ आते हैं। मान्यता है कि इस मंदिर में अवंतिका देवी(Awantika Devi) जिन्हें अम्बिका देवी भी कहते हैं साक्षात् प्रकट हुई थीं।

 

॥ जय माँ अवंतिका देवी ॥