कैसे पाये अष्ट सिद्धि और नौ निधियाँ हनुमान चालीसा की एक चौपाई में भी लिखा है- ‘अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता। अस बर दीन्ह जानकी माता’. अर्थात