अष्टविनायक- जहां स्वयं रहते है स्वयंभू गणेश..!!!

अष्टविनायक- जहां स्वयं रहते है स्वयंभू गणेश..!!!

अष्टविनायक से अभिप्राय होता है- आठ गणपति
अष्टविनायक से अभिप्राय होता है- आठ गणपति

अष्ट का मतलब आठ तो अष्टविनायक से अभिप्राय होता है- आठ गणपति। भगवान गणेश के यह आठ अति प्राचीन मंदिर या कहें आठ शक्तिपीठ जो की महाराष्ट्र में स्थित हैं। महाराष्ट्र में पुणे के समीप अष्टविनायक के आठ पवित्र मंदिर 20 से 110 किलोमीटर के क्षेत्र में स्थित हैं। इन मंदिरों का पौराणिक महत्व और इतिहास है। इनमें विराजित गणेश की प्रतिमाएं स्वयंभू मानी जाती हैं, क्योंकि ऐसा माना गया है यह स्वयं प्रगट हुई हैं।

यह मानव निर्मित न होकर प्राकृतिक हैं। अष्टविनायक के ये सभी आठ मंदिर अत्यंत पुराने और प्राचीन हैं। बता दें इन आठ गणपति धामों की यात्रा अष्टविनायक तीर्थ यात्रा के नाम से जानी जाती है।

इन पवित्र प्रतिमाओं के प्राप्त होने के क्रम के अनुसार ही अष्टविनायक की यात्रा भी की जाती है।

अष्टविनायक दर्शन की शास्त्रोक्त क्रमबद्धता इस प्रकार है-मयूरेश्वर या मोरेश्वर – मोरगांव, पुणेसिद्धिविनायक – करजत तहसील, अहमदनगरबल्लालेश्वर – पाली गांव, रायगढ़वरदविनायक – कोल्हापुर, रायगढ़चिंतामणी – थेऊर गांव, पुणेगिरिजात्मज अष्टविनायक – लेण्याद्री गांव, पुणेविघ्नेश्वर अष्टविनायक – ओझरमहागणपति – राजणगांव

 

॥ जय अष्टविनायक ॥