क्या आप मांगलिक दोष से पीड़ित हैं? तो मंगलवार को करे ये उपाय ,आपको देंगे राहत !!

जन्म कुंडली में मंगल ग्रह प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम तथा द्वादश भाव में बैठा हो तो कुंडली में मांगलिक दोष…

देवों के सेनापति मंगल को पराक्रम का कारक माना गया है। एक ओर जहां मंगल क्रूर ग्रह माना गया है, वहीं इसके खराब होने पर जीवन में कई तरह की परेशानियां भी उत्पन्न होती हैं। मंगल के संबंध में सबसे अधिक परेशानी वाली बात है, विवाह न होना… पंडितजी के मुताबिक मंगल दोष के कारण लोगों के विवाह में कठिनाई आती है।

ऐसा माना जाता है कि मांगलिक दोष मनुष्य जीवन के दांपत्य जीवन को प्रभावित करता है। मंगल दोष व्यक्ति के विवाह में देरी तथा अन्य प्रकार की रुकावटों का कारण होता है।

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक यदि किसी जातक की जन्म कुंडली में मंगल ग्रह प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम और द्वादश भाव में बैठा हो तो यह स्थिति कुंडली में मांगलिक दोष का निर्माण करती है। इसके प्रभावों को कम करने के लिए जातक को मंगल दोष के लिए उपाय करने चाहिए। वहीं यदि कुंडली में मंगल के साथ ही राहु भी बैठ जाता है, तो मांगलिक प्रभाव खत्म माना जाता है, इसके साथ ही राहु भी अपना असर खो देता है।

ज्योतिष के अनुसार मंगल के संबंध में ये मान्यता भी है कि 28वें वर्ष में मंगल का दुष्प्रभाव समाप्त हो जाता है तथा वे शुभ फल देने लगते हैं लेकिन ये भी इस बात पर निर्भर करता है कि वे आपकी कुंडली के कौन से भाव को देख रहे हैं, इसके अलावा उनकी प्रत्यंतर दशा, अंतर दशा भी बहुत हद तक मायने रखती है।

Indian wedding hands with gold

मंगल दोष को दूर करने के सरल उपाय…
उज्जैन में भगवान मंगलनाथ का मंदिर है यहा स्वयं मंगलग्रह ने तपस्या की थी वहीं कुछ जानकारों के मुताबिक यहीं से मंगल की उत्पत्ति हुई थी, ऐसे में इस स्थान में चावल अर्थात भात के द्वारा भगवान मंगलनाथ महादेव के श्रॄंगार करके उसका विधि अनुसार पूजन किया जाता है इससे मंगलदोष की शांति होती है।

मंगलवार के दिन रखें व्रत
मान्यता के मुताबिक मंगल दोष के निवारण के लिए हनुमत आराधना का विशेष और शुभ फल प्राप्त होता है। मंगल दोष से पीड़ित व्यक्ति को मंगलवार का व्रत अवश्य करना चाहिए तथा पूरे दिन पवनपुत्र हनुमान का ध्यान करना चाहिए।

सुंदरकांड का पाठ करे
मंगलवार के दिन सुंदरकांड का पाठ, हनुमानाष्टक मंत्र तथा बजरंग बाण का जाप करना चाहिए। इसके साथ इस दिन किसी लाल वस्त्र में मसूर की दाल को लपेटकर भिखारी को दान करनी चाहिए।

मंगल के कारण विवाह में समस्या: शादी से पहले किए जाने वाले कुछ उपाय ( लड़के लड़कियों के अनुसार अलग-अलग उपाय ) …

मांगलिक समस्या होने पर लड़कियों के लिए कुंभ विवाह, विष्णु विवाह तथा अश्वत्थ विवाह मंगल दोष के सबसे अधिक प्रचलित उपाय हैं।

अश्वत्थ विवाह – गीता में लिखा ‘वृक्षानाम् साक्षात अश्वत्थोहम्ं’ मतलब वृक्षों में मैं पीपल का पेड़ हूं। अश्वत्थ विवाह अर्थात पीपल या बरगद के वृक्ष से विवाह कराकर, विवाह के पश्चाद उस वृक्ष को कटवा देना।

चूंकि यह प्रतीकात्मक विवाह होता है तो इसके लिए पीपल का छोटा पौधा भी उपयोग में लिया जा सकता है। लेकिन ध्यान रहे कि कई बार अश्वत्थ विवाह केले, तुलसी, बेर आदि के पेड़ से भी करवाएं जाते हैं, जिन्हें लेकर विरोध है।

विष्णु प्रतिमा विवाह- ये विष्णु भगवान की स्वर्ण प्रतिमा होती है, जिसका अग्नि उत्तारण कर प्रतिष्ठा पश्चाद वैवाहिक प्रक्रिया संकल्पसहित पूरी करना शास्त्रोक्त है।

कुंभ विवाह : इसी तरह किसी कन्या के मंगल दोष होने पर उसका विवाह विष्णु भगवान के साथ कराया जाता है। इस कुंभ या कलश में विष्णु भगवान स्थापित होते हैं।

दरअसल यदि एक व्यक्ति मांगलिक हो तथा दूसरा पार्टनर न हो तो कुंभ विवाह के जरिए इस दोष को खत्म किया जा सकता है। हिंदू-वैदिक शास्त्र के अनुसार शादी से पहले मांगलिक व्यक्ति को केले, पीपल या विष्णु भगवान की सोने या चांदी की मूर्ति से विवाह की रीति पूरी करनी होगी।

● ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक मांगलिक पति और पत्नी को शादी के बाद लालवस्त्र पहन कर तांबे के लोटे में चावल भरने के बाद लोटे पर सफेद चन्दन को पोत कर एक लाल फूल और एक रुपया लोटे पर रखकर पास के किसी हनुमान मन्दिर में रख कर आना चाहिए।

● इसके अलावा चांदी की चौकोर डिब्बी में शहद भरकर रखने से भी मंगल का जो असर होता है कम हो जाता है।

● घर में आने वाले मेहमानों को मिठाई खिलाने से भी मंगल का असर कम होता है।

● मंगल शनि तथा चंद्र को मिलाकर दान करने से भी फायदा मिलता है।

● मंगलवार के दिन दान देना भी मांगलिक दोष को कम करने का एक तरीका है। लाल दाल जैसे मसूर, लाल कपड़ा तथा लाल पत्थर आदि का दान किया जा सकता है।

लड़कों के लिए मंगलदोष दूर करने के कुछ उपाय :
जब चंद्र-तारा अनुकूल हों, तब तथा अर्क विवाह शनिवार, रविवार अथवा हस्त नक्षत्र में कराना ऐसा शास्त्रमति है। ऐसी मान्यता है कि किसी भी जातक (वर) के कुंडली में इस तरह के दोष हों, तो सूर्य कन्या अर्क वृक्ष से विवाह करना, अर्क विवाह कहलाता है। अर्क विवाह से दाम्पत्य सुखों में वृद्धि होती है तथा वैवाहिक विलंब दूर होता है।

इसके अलावा अन्य आसान उपाय जो विवाह पूर्व किए जाते हैं, वह इस प्रकार हैं :-

●केसरिया गणपति अपने पूजा गृह में रखें तथा रोज उनकी पूजा करें।

●ॐ हनुमान जी की पूजा करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।

●महामृत्युंजय का पाठ अवश्य करें।

इस तरह समझें : दो मांगलिक लोगों का विवाह…

यदि दोनों पार्टनर ही मांगलिक हैं तो यह दोष स्वत: समाप्त हो जाता है। वहीं यदि मांगलिक से गैर-मांगलिक का विवाह हुआ हो तो उपाय करना पड़ते हैं।

वानरों को गुड़ तथा चना खिलाएं
मंगल की शांति के लिए मंगलवार के दिन हनुमान जी के चरणों से सिंदूर लेकर अपने माथे पर उसका टीका करना चाहिए तथा वानरों को गुड़ और चना खिलाना चाहिए।

लाल पत्थर
ऐसा माना जाता है कि मंगल दोष से पीड़ित व्यक्ति अगर स्वयं अपने घर का निर्माण करवाता है तो उसे लाल रंग के पत्थर का प्रयोग अवश्य करना चाहिए।

जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें
मंगल दोष व्यक्ति को जल्दबाज बनाता है, ऐसे में इस दोष से प्रभावित लोगों को बिना सोचे-समझे निर्णय लेने से बचना ही चाहिए। आपको अपने विवेकपूर्वक इस कमी को पार करना चाहिए।

घर में लाल पौधे अवश्य लगाए
मंगलदोष से पीडित व्यक्ति के लिए अपने घर की बालकनी या परिसर के भीतर लाल रंग के फूल वाले पौधे लगवाना तथा उनकी सेवा करना बहुत अच्छा होगा

भगवा हनुमान की कृपा
हनुमान आराधना एक रामबाण है जो आपको सभी कष्टों से उबार सकती है। क्योंकि हनुमान जी को अष्ट सिद्धियों तथा नव निधियों का स्वामी माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि अगर इनकी कृपा हो तो कोई भी ग्रह अपको कष्ट नहीं पहुंचा सकता