पारंपरिक अंधविश्वास और धर्म से जुड़े टोटके और उनका सच…!! ज़रूर पढ़े

पारंपरिक अंधविश्वास और टोटके : ऐसे बहुत से अंधविश्वास हैं, जो लोक परंपरा से आते हैं जिनके पीछे कोई ठोस आधार नहीं होता। ये शोध का विषय भी हो सकते हैं। इसमें से बहुत-सी ऐसी बातें हैं, जो धर्म का हिस्सा हैं और बहुत-सी बातें नहीं हैं। हालांकि इनमें से कुछ के जवाब हमारे पास नहीं है। उदारणार्थ-

* आप बिल्ली के रास्ता काटने पर क्यों रुक जाते हैं?

* जाते समय अगर कोई पीछे से टोक दे तो आप क्यों चिढ़ जाते हैं?

* किसी दिन विशेष को बाल कटवाने या दाढ़ी बनवाने से परहेज क्यों करते हैं?

* क्या आपको लगता है कि घर या अपने अनुष्ठान के बाहर नींबू-मिर्च लगाने से बुरी नजर से बचाव होगा?

* कोई छींक दे तो आप अपना जाना रोक क्यों देते हैं?

* क्या किसी की छींक को अपने कार्य के लिए अशुभ मानते हैं?

* घर से बाहर निकलते वक्त अपना दायां पैर ही पहले क्यों बाहर निकालते हैं?

* जूते-चप्पल उल्टे हो जाए तो आप मानते हैं कि किसी से लड़ाई-झगड़ा हो सकता है?

* रात में किसी पेड़ के नीचे क्यों नहीं सोते?

* रात में बैंगन, दही और खट्टे पदार्थ क्यों नहीं खाते?

* रात में झाडू क्यों नहीं लगाते और झाड़ू को खड़ा क्यों नहीं रखते?

* अंजुली से या खड़े होकर जल नहीं पीना चाहिए।

* क्या बांस जलाने से वंश नष्ट होता है।

 

ऐसे ढेरों विश्वास और अंधविश्वास हैं जिनमें से कुछ का धर्म में उल्लेख मिलता है और उसका कारण भी लेकिन बहुत से ऐसे विश्वास हैं, जो लोक परंपरा और स्थानीय लोगों की मान्यताओं पर आधारित हैं।