भूल से भी न चढ़ाएं शिवलिंग पर ये चीजें.. नही तो होगा अनर्थ..!! जानिए कारण…!!!

हिंदू धर्म में शंख को बहुत ही पवित्र माना जाता है और पूजा के लगभग सभी कार्यों में शंख का प्रयोग होता है लेकिन शिवलिंग पर शंख से जल नहीं चढ़ाना चाहिए। ऐसा करना वर्जित है।

तुलसी भी बेहद पवित्र मानी जाती है और सभी देवकार्यों में इसका प्रयोग होता है लेकिन तुलसी को भगवान शिव पर चढ़ाना मना है। ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्हें इस बात की जानकारी नहीं है और वे भोलेनाथ की पूजा में तुलसी का इस्तेमाल करते हैं जिस वजह से उनकी पूजा पूर्ण नहीं होती।

ऐसे कई धार्मिक कार्य हैं जिसे हल्दी के बिना पूर्ण नहीं माना जाता। लेकिन भगवान शिव को हल्दी अर्पित नहीं की जाती। ऐसा इसलिए क्योंकि हल्दी स्त्री सौंदर्य प्रसाधन में प्रयोग की जाती है और शास्त्रों के अनुसार शिवलिंग पुरुषत्व का प्रतीक है।

भोलेनाथ को लाल रंग के फूल नहीं चढ़ाए जाते। साथ ही केतकी और केवड़े के फूल चढ़ाना भी मना है। भगवान शिव को सफेद रंग के फूल चढ़ाने चाहिए। इससे वे जल्दी प्रसन्न होते हैं

भगवान भोलेनाथ पर हमेशा पीतल, कांसे या अष्टधातु से बर्तन या लोटे से ही जल चढ़ाना चाहिए लोहे या स्टील के बर्तन से नहीं।

शिव जी की पूजा में नारियल का इस्तेमाल तो कर सकते हैं लेकिन शिवलिंग पर नारियल का पानी नहीं चढ़ाना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि शिवलिंग पर चढ़ाई जाने वाली सारी चीज़ें निर्मल होनी चाहिए यानि जिसका सेवन ना किया जाए।

सिंदूर या कुमकुम, महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए लगाती हैं। भगवान शिव विध्वंसक के रूप में जाने जाते हैं इसलिए शिवलिंग पर सिंदूर या कुमकुम नहीं चढ़ाया जाता बल्कि चंदन से उनकी पूजा होती है।