अमरनाथ यात्रा के रास्‍ते में पड़ती है यह झील, यहां आज भी देते हैं शेषनाग दर्शन !!

अमरनाथ यात्रा के रास्‍ते में पड़ती है यह झील, यहां आज भी देते हैं शेषनाग दर्शन !!

शिवभक्तों के जत्थे जय बाबा बर्फानी का उद्घोष करते हुए अमरनाथ की यात्रा के लिए रवाना होते है। यहां नीलकंठ बाबा शिव अमरेश्वर महादेव का स्थान है। प्राचीनकाल मे इसे अमरेश्वर कहा जाता था।इस यात्रा पर पग पग पर तमाम मुश्किले आती है। लेकिन भोले के भक्त बड़े उत्साह से इस दुर्गम यात्रा के दौरान आने वाली शेष नाग झील का बड़ा ही महत्व है। यह मनोरम झील पहलगाम स्व लगभग 32 किलोमीटर और चंदनवाड़ी से लगभग 16 किलोमीटर दूर है। यह झील सर्दियों में पूरी तरह जम जाती है।झील के चारो ओर साथ पहाड़िया है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार जब भगवान शिव पार्वती को अमरकथा गुफा ले जा रहे थे तब उन्होंने असंख्य साँपो और नागों को अनन्तनाग में नंदी को पहलगाम में चंद्रमा को चंदन वाड़ी में छोड़ दिया था। शेषनाग को भगवान शिव ने इस झील में छोड़ा था। भगवान शिव ने शेषनाग से कहा था कि इस झील से किसी को आगे नही जाने देना। तब से इस झील में शेषनाग का वास हैं। कहते है कि 24 घंटे में एक बार शेषनाग इस झील के बाहर आकर दर्शन देते है।