आखिर क्यों मनाई जाती है चैत्र नवरात्री…!!!

आखिर क्यों मनाई जाती है चैत्र नवरात्री…!!!

माँ दुर्गा
माँ दुर्गा

पुराणों में नवरात्रि पर्व मनाने के पीछे बहुत-सी रोचक कथाएं प्रचलित हैं आज हम आपको बता रहे है उनमें से एक रोचक कथा।

कहा जाता है कि दैत्य गुरु शुक्राचार्य के कहने पर दैत्यों ने घोर तपस्या कर ब्रह्माजी को प्रसन्न किया और वर मांगा कि उन्हें कोई पुरुष, जानवर और उनके शस्त्र न मार सकें।वरदान मिलते ही असुर अत्याचार करने लगे, सभी लोग परेशान हो गये सभी देवता ब्रह्मा जी के पास गए अपनी समस्या लेकर तब देवताओं की रक्षा के लिए ब्रह्माजी ने वरदान का भेद बताते हुए बताया कि असुरों का नाश अब स्त्री शक्ति ही कर सकती है।ब्रह्माजी के निर्देश पर लगभग इसी तरह चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों तक देवी के आह्वान पर असुरों के संहार के लिए माता पार्वती ने अपने अंश से ९ रूप उत्पन्न किए। सभी देवताओं ने उन्हें अपने शस्त्र देकर शक्ति संपन्न किया।इसके बाद देवी ने असुरों का अंत किया।

यह संपूर्ण घटनाक्रम चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों तक घटित हुआ इसलिए चैत्र नवरात्रि मनाए जाते हैं। इसलिए नवरात्रों में नौ देवियों की पूजा होती है और नौंवे दिन नौ कन्याओं की पूजा कर उनका आदर-सत्कार कर उन्हें जिमाया जाता है।

चैत्र नवरात्रि बिल्कुल शारदीय नवरात्रों की ही तरह धूमधाम से देशभर में मनाएं जाते हैं।कई बार तिथियों के हेर-फेर से पूजा आठ दिन भी होती है।यानी एक ही दिन में दो नवरात्रों की पूजा होती है।कम ही लोग ये बात जानते होंगे कि चैत्र नवरात्रों को वसंत नवरात्रि के नाम से भी जाना जाता है।ऐसा माना जाता है कि शारदीय नवरात्रों की पूजा जहां भगवान राम ने आरंभ की थी वहीं चैत्र नवरात्रि का अंतिम दिन भगवान राम के जन्मदिवस के रूप में भी मनाया जाता है।