नवरात्र मे अखंड ज्योति का इस तरह जलना माता को करता है क्रोधित !! जानिये कही आप तो नही जलाते इस तरह से !!

मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए नवरात्र में माता की तस्वीर के सामने अखंड ज्योति जलाते हैं। लेकिन आज हम आपको बताएंगे अखंड ज्योति जलाने के कुछ नियम होते हैं। जिनका आपको पालन करना बहुत जरुरी है अगर इन नियमों का पालन सही से नहीं होता तो लाभ की बजाए  नुकसान हो सकता है।  शास्त्र में बताया गया है कि अखंड दीपक की लोकशन कल की अवधि में खंडित नहीं होनी चाहिए। अर्थार्थ जब तक ज्योति जलाने का संकल्प हमने लिया है तब तक निरंतर ज्योति जलनी चाहिए ।आपको यह ध्यान रखना है कि हवा के झोंके दीपक की लो को बुझाने सके इसके लिए दीपक को कांच के गोले में रख सकते हैं। जिससे वह निरंतर जलता रहे दोस्तो तेल या फिर ठीक ही कमी के कारण ज्योति ना हो जाए इसके लिए एक वक्त जी को दीपक का पूरा ध्यान रखना चाहिए ।

कई बार बाती में काली सज्जन जाने की वजह से लोग बुझने लगती है। ऐसे समय में एक बात ही जला कर दिए में रख दें और मुख्यमंत्री को ऊपर उठाकर जमी हुई काली घटा दें। जिससे जो निरंतर जलती रहे इसके अलावा शंकर अवधि पूरी होने के बाद भी दीपक में जब तक तेल या घी मौजूद है तब तक चलते रहने देना चाहिए फूक मारकर या फिर अन्य किसी तरीके से दीपक को नहीं भूल जाना चाहिए ऐसा करना अशुभ माना जाता है तो उसको अगर आप इन नियमो का पालन नहीं कर सकते हैं या फिर बालन करने में कोई कठिनाई आती है तो बिना संकल्प के दीपक जलाना सही रहता है। संकल्प किया हुआ अखंड दीपक समय से पहले बुद्ध जाने पर जिस शिक्षा के लिए हम भगवान की प्रार्थना कर रहे हैं जिस मनोकामना के लिए हमें दीपक जलाया है उसके पूर्ण होने में संदेह होता है। परिवार में इसे कई तरह की परेशानियां आ सकती हैं इसके अलावा घर में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

Loading...