जानिये एक ऐसा अध्बुध मंदिर जिसमे शिव पार्वती की मुर्तियो के बीच अपने आप बढ़ती घटती रहती है दूरी !!

जानिये एक ऐसा अध्बुध मंदिर जिसमे शिव पार्वती की मुर्तियो के बीच अपने आप बढ़ती घटती रहती है दूरी !!

हिमाचल प्रदेश की नगरी को देवभूमि भी बोला जाता है यहां पर प्राचीन काल से बहुत से मंदिर है लेकिन उनमें से एक कांगड़ा जिले में अनोखा शिवलिंग है। यहां के काठगढ़ महादेव मंदिर में अर्धनारीश्वर के रूप में शिवलिंग है वह साथ ही शिव पार्वती की मूर्ति भी है इन दोनों मूर्तियों के बीच में दूरियां अपने आप पर बढती-घटती रहती है।

यह विश्व का एकमात्र ऐसा मंदिर है जिसमें ग्रह नक्षत्रों के परिवर्तन के कारण इन मूर्तियों में दूरी बढ़ती घटती रहती है। यह ईश्वर शिव का अर्धनारीश्वर रूप शीत ऋतु में ही देखने को मिलता है। ऐसा सुना जाता है कि यह मंदिर सबसे पहले सिकंदर ने बनवाया था इस मंदिर से प्रभावित होकर सिकंदर ने टीले पर मंदिर बनाने तथा यहां की भूमि को समतल करवाया वह यहां पर मंदिर बनवाया था।

यह शिवलिंग दो भागों में विभाजित है जो ग्रह नक्षत्रों के कारण उसमें परिवर्तन देखने को मिलता है यह शिवलिंग काले भूरे रंग का है जो शिव लिंग शिव के रूप में पूजे जाते हैं। उनकी ऊंचाई साथ फीट है और पार्वती की ऊंचाई 5 फुट 6 इंच है। शिव पार्वती के अर्धनारीश्वर रूप को देखने के लिए यहां भक्तों की भीड़ लगी रहती है लेकिन सबसे ज्यादा व्यस्त रहती है लगता है सावन के महीने में भी यहां भक्तों का जमावड़ा रहता है।