अगर करेंगे हर मंगलवार इस अचूक शक्तिशाली शाबर मन्त्र का जाप तो पल भर मे बन जाएँगे आपके बिगड़े काम !!

अगर करेंगे हर मंगलवार इस अचूक शक्तिशाली शाबर मन्त्र का जाप तो पल भर मे बन जाएँगे आपके बिगड़े काम !!

शक्तिशाली सिद्ध शाबर मंत्र और सुलेमानी शाबर मंत्र  को स्वयंसिद्धि मन्त्र के नाम से भी पुकारा जाता है यह मन्त्र अत्यन्त शक्तिशाली एवं अचूक है। अगर आप को लग रहा है की आप के दूकान अथवा घर आदि में किसी ने टोटका आदि कर रखा है अथवा घर में कोई व्यक्ति ज्यादा बीमार है, निर्धनता आपका पीछा नहीं छोड़ती, या कोई कार्य बनते बनते बिगड़ जाता होअथवा कोई तांत्रिक क्रिया द्वारा आपको बार बार परेशान कर रहा हो तो इन सब कष्टों से मुक्ति प्राप्त करने के लिए शाबर मन्त्र को सबसे सिद्ध एवं प्रभावकारी माना गया है।

शाबर मन्त्र अन्य शास्त्रीय मंत्रो के भाँति उच्चारण में कठिन नहीं होते है, तथा इस अचूक मन्त्र को कोई भी बड़े आसनी प्रयोग कर अपने कार्यो को सिद्ध कर सकता है.इन मंत्रो को थोड़े से जाप द्वारा सिद्ध किया जा सकता है तथा यह मन्त्र शीघ्र प्रभाव डालते है। इन मंत्रो का जो प्रभाव होता वह स्थायी है तथा शक्तिशाली हनुमान मन्त्र का कोई भी दुसरा काट नहीं है।

शाबर मंत्रो के सरल भाषा में होने के कारण इनका प्रयोग बहुत ही आसान है कोई भी इन्हे सुगमता से प्रयोग कर सकता है।यह मन्त्र दूसरे दुष्प्रभावी मंत्रो के काट में सहायक है।शाबर मन्त्र के प्रयोग से प्रत्येक समस्या का निराकरण सहज ही जाता है। इस मन्त्र का प्रयोग कर व्यक्ति अपने परिवार, मित्र, संबंधी आदि की समस्याओं का निवारण करने में सक्षम है।

वैदिक, पौराणिक एवम् तांत्रिक मंत्रों के समान ‘शाबर-मंत्र’ भी अनादि हैं. सभी मंत्रों के प्रवर्तक मूल रूप से भगवान शंकर ही हैं, परंतु शाबर मंत्रों के प्रवर्तक भगवान शंकर प्रत्यक्षतया नहीं हैं, फिर भी इन मंत्रों का आविष्कार जिन्होंने किया वे परम शिव भक्त थे। गुरु गोरखनाथ तथा गुरु मछन्दर नाथ शबरतंत्र के जनक माने जाते है। अपने साधन, जप-तप एवं सिद्धियो के प्रभाव से उन्होंने वह स्थान प्राप्त कर लिया जिसकी मनोकामना बड़े-बड़े तपस्वी एवं ऋषि मुनि करते है।

शक्तिशाली शाबर मंत्र पहले से ही शक्तियों से परिपूर्ण और सिद्ध होते हैं।

सिद्ध शाबर मंत्र :-

”ॐ शिव गुरु गोरखनाथाय नमः !”

शाबर मंत्र के महत्त्वपूर्ण तथ्य

* किसी भी आयु, जाति और वर्ण के पुरुष या स्त्रियां इस मंत्र का प्रयोग कर सकते है।

* इन मंत्रों की साधना के लिए गुरु की आवश्यकता महत्त्वपूर्ण नहीं होती है।

* षट्कर्म की साधना को करने के लिए गुरु की राय अवश्य लेनी चाहिए।

* मंत्र के जाप के लिए लाल या सफेद आसन बिछाकर उस पर बैठना चाहिए।

* शाबर मंत्र का जाप श्रद्धा और विश्वास के साथ ही करना चाहिए।

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