हनुमान जी ने लंका से यहा पर फेका शनि देव को, आज यहा हे मंदिर…सभी मनोकामनाए होती हे पूर्ण !

हनुमानजी अपने भक्त की सभी मनोकामनाए पूर्ण करते हे और उन्हें सभी दुखो से दूर रखते हे| यदि आप हनुमानजी की पूजा भक्ति भाव से
करेंगे तो शनि देव भी आपसे प्रसन्न होंगे| रावण ने शनि देव को भी केद कर रखा था और तभी हनुमानजी ही थे जिन्होंने शनि देव को
रावण की केद से बचाया था, तभी से जो भी भक्त हनुमानजी की पूजा करता था शनि देव भी उस पर अपनी कृपा बनाये रखते थे और
हनुमानजी के भक्त पर शनिदेव कभी भी नाराजगी नहीं दिखाते|

शनि देव और हनुमानजी

यूं तो शनिदेव और हनुमानजी के अनेक प्रसिद्ध मंदिर हैं, उनमें से एक मध्यप्रदेश
में ग्वालियर के समीप एंती गांव में स्थित शनिदेव का मंदिर भी शामिल है| मंदिर के बारे में कहा जाता हे की यहाँ त्रेतायुग से ही शनि देव
की मूर्ति स्थापित हे| पोराणिक मान्यता के अनुसार कहा जाता हे की जब रावण ने एक बार शनिदेव को केद कर रखा था तब शनिदेव ने
हनुमानजी को कहा था की अगर वे उन्हें रावण की केद से छुड़ा लेते हे तो वे रावण के नाश में अहम् भूमिका निभाएंगे और फर हनुमानजी
ने शनिदेव को रावण की केद से मुक्त कराया और शनिदेव को बल पूर्वक आकाश में उचल दिया और ये यहाँ आकर स्थापित हो गये|

हनुमानजी और शनिदेव

तभी से शनिदेव यहाँ विराजमान हे, यह क्षेत्र भी शनिक्षेत्र के नाम से मशहूर हो
गया हे| यह शनि के दर्शन हेतु दूर-दूर से श्रद्धालु आते हे और अपने सुखी जीवन की प्रथना करते हे| शनि ने रावण की लंका से जाते वक़्त
अपनी तिरछी नजरो से देखा और रावण का कुल सहित नाश हो गया|यहाँ भक्त शनिदेव को तेल अर्पित करने के बाद गले लगने की भी परंपरा हे, यहाँ आने वाले सभी भक्त शनिदेव से गले मिलते हे और उनसे अपनी समस्याओ का जिक्र करते हे | ऐसा माना जाता हे की शनिदेव यहाँ आए हुए अपने सभी भक्तो की मनोकामनाए पूर्ण करते हे|

हनुमानजी और शनि देव का चित्र