जरूर पढ़े 24 जून को 10 साल बाद बन रहा है यह संयोग,शनिवार को है शनिश्चरी अमावस्या..!!!

जरूर पढ़े 24 जून को 10 साल बाद बन रहा है यह संयोग,शनिवार को है शनिश्चरी अमावस्या..!!!

24 जून को है आषाढ़ मास की अमावस,इस बार इसमें खास यह है कि इस बार यह शनिश्चरी अमावस्या है, क्योंकि अमावस शनिवार को पड़ेगी ।शनिवार के दिन पड़ने की वजह से इसे शनि अमावस्या या शनिश्चरी अमावस्या कहते हैं ।शनिचर अमावस्या होना इसलिए भी खास है,क्योंकि यह संयोग 10 साल बाद बना है,इससे पहले साल 2007 में अमावस्या शनिवार के दिन पड़ी थी ।

इस अमावस्या को स्नानदान अमवस्या भी कहते है ऐसा कहा जाता है कि शनिवार को पड़ने वाली इस अमावस के दिन दान करने से अक्षय फल मिलते हैं ।माना जाता है कि जब अमावस शनिवार को पड़ती है, तो तीर्थ पर स्नान करने से बड़े से बड़ा पाप धुल जाता है ।

शनिवार के दिन अमावस्या का पड़ना कई कारणों से काफी मायने रखती हैं । शनि ग्रह को सीमा ग्रह भी कहा जाता है, क्योंकि मान्यता के अनुसार जहां पर सूर्य का प्रभाव खत्म हो जाता है वहीं से शनि का प्रभाव शुरू होता है ।आज हम बता रहे है शनिश्चरी अमावस्या पर दान के महत्व ।

दान का है महत्व-

  • मान्यता है कि इस दिन पितरों के नाम पर काले कपड़े दान करने चाहिए ।
  • काले रंग की खाने की चीजें भी दान करने को अच्छा माना गया है ।
  • कहते हैं कि इस दिन जरूरतमंदों को दान करना बहुत पुण्य दिलाता है ।

  • कहते हैं कि जब शनिदेव खुश होते हैं, तो पितर भी खुश और शांत होते हैं ।
  • मान्यता है कि शनि की धातु लोहा है,यही वजह है कि लोहे के साथ अनाज दान करने से शनिदेव खुश होते हैं ।
  • शनिवार को चना और उड़द की दाल का दान करने की भी मान्यता है ।

॥ जय शनिदेव ॥