21 अगस्त को है साल का सबसे बड़ा सूर्यग्रहण, जरूर बरतें ये सावधानियां !!

21 अगस्त को है साल का सबसे बड़ा सूर्यग्रहण, जरूर बरतें ये सावधानियां !!

21 अगस्त को इस साल का सबसे बड़ा सूर्यग्रहण लगने जा रहा है। भारतीय समय के मुताबिक यह सूर्यग्रहण सोमवार को रात में 9.15 बजे से शुरू होगा और 22 अगस्त सुबह 2.34 बजे खत्म होगा। 11.51 मिनट पर इसका मध्यकाल होगा। सूर्यग्रहण एक खगोलीय घटना है जो चंद्रमा के सूर्य और प्रथ्वी के बीच से गुजरने पर होती है। पृथ्वी से देखने पर सूर्य पूर्ण अथवा आंशिक रूप से चन्द्रमा द्वारा ढका हुआ प्रतीत होता है। इसी घटना को सूर्यग्रहण कहा जाता है।

सूर्यग्रहण के बारे में वैज्ञानिक मान्यता
सूर्यग्रहण के बारे में वैज्ञानिक कहते हैं कि इस अवधि के दौरान पृथ्वी के उत्तरी एवं दक्षिणी ध्रुव प्रभावित होते हैं। इसलिए यह अवधि ऋणात्मक मानी जाती है। इस अवधि में सूर्यदेव से नकारात्मक किरणें उत्सर्जित होती हैं। इसलिए भी ग्रहण की अवधि में प्रतिकूल किरणों से बचने का प्रयास करना चाहिए। इसके अलावा सूर्यग्रहण के समय शास्त्रों में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप सूर्यग्रहण के दौरान होने वाली परेशानियों को दरकिनार कर सकते हैं।

सूर्यग्रहण के समय बरतें ये सावधानियां

  • सूर्यग्रहण को कभी भी नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए। इसको देखने के लिए वैज्ञानिक प्रमाणित टेलिस्कोप का ही इस्‍तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा ऐसे चश्मों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है, जिनमें अल्‍ट्रावॉयलेट किरणों को रोकने की क्षमता हो।
  • सूर्यग्रहण के समय कभी भी तेल से मालिश नहीं करनी चाहिए। माना जाता है कि सूर्यग्रहण के समय मालिश करने से आपको त्वचा संबंधी बीमारियां हो सकती है।

  • सूर्यग्रहण के दिन गर्भवती महिलाओं को अपना ख्याल विशेष तौर पर रखना चाहिए। इस दिन इन्हें घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। इसके साथ ही ईश्वर के नाम का जप करना चाहिए जिससे कि गर्भ में होने वाले बच्चे पर बुरा प्रभाव न पड़े।
  • ग्रहण के समय भगवान की मूर्ति को छूने से बचें। साथ ही ग्रहण के समय सोना, भोजन करना या भोजन बनाना भी सही नहीं माना जाता।
  • ग्रहण के समय कभी भी पति-पत्नी को साथ में नहीं रहना चाहिए। शास्त्रों में माना जाता है कि इस समय बनाए गए शारीरिक संबंध से यदि गर्भ ठहरता है तो पैदा होने वाला बच्चा तमाम बुराइयों से ग्रसित होता है।

  • ग्रहण करने से पहले ही भोजन ग्रहण कर लेना चाहिए। साथ ही दूध, दही और खाने के चीजों में दूर्वा या फिर तुलसी के पत्तों को डाल दें, जिससे इन वस्तुओं को ग्रहण का असर न पड़े। जब ग्रहण समाप्त हो जाए तो घर की शुद्धि के साथ-साथ स्वयं स्नान करें और जरूरतमंदों को दान-दक्षिणा दें।
  • शास्त्रों में बताया गया है कि जब ग्रहण हो तो उस समय भजन-कीर्तन, गुरु मंत्र का जाप, पूजा-पाठ आदि करना चाहिए। जिससे आध्यात्म बल मिले। साथ ही ग्रहण का असर कम हो। लेकिन ध्यान रहे कि मूर्ति पूजन न करें।
  • सूर्यग्रहण या चंद्रग्रहण के दौरान किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत को बिल्कुल मना किया जाता है। मान्यता है कि इस दौरान शुरू किया गया काम अच्छा परिणाम नहीं देता है, अत: इस दौरान कोई नया काम शुरू करने से बचें।

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