सोमवार विशेष : शर्तिया दरिद्रता दूर करेगा भगवान शिव का यह 1 मंत्र

शिव जगतगुरु हैं… शिव ज्ञान, विवेक, तप के रूप में शक्ति, संकल्प और पुरुषार्थ की प्रेरणा देते हैं। दरिद्रता और अभाव को दूर रखने के लिए विशेष मंत्र और पद्धति से की गई शिव पूजा बहुत ही प्रभावी मानी गई है। पुराणों में लिखा है कि शिव का यह मंत्र गरीबी दूर करने के लिए सबसे सटीक है।भगवान शिव के श्रृंगार

भगवान शिव के श्रृंगार

अपार धन के लिए जपें यह शिव मंत्र…

प्रात: नित्यकर्म से निवृत हो, स्नान कर आदिनाथ भगवान शंकर के साथ माता पार्वती और नंदी को गंगाजल या पवित्र जल चढ़ाएं।

तत्पश्चात शिवजी को खास तौर पर चंदन, अक्षत, बिल्व पत्र, धतूरा या आंकड़े के फूल चढ़ाएं।

उसके बाद शिव मंत्र की माला जपें : –

मन्दारमालाङ्कुलितालकायै कपालमालांकितशेखराय।

दिव्याम्बरायै च दिगम्बराय नम: शिवायै च नम: शिवाय।।

श्री अखण्डानन्दबोधाय शोकसन्तापहा​रिणे।

सच्चिदानन्दस्वरूपाय शंकराय नमो नम:॥

मंत्र पाठ के बाद भगवान शिवजी को घी, शक्कर, गेंहू के आटे से बने प्रसाद का भोग लगाएं। इसके बाद धूप, दीप से आरती करें। प्रसाद सबसे पहले गुरुजनों, बुजुर्गों और परिवार, मित्र सहित ग्रहण करें

शिवलिंग की श्रेष्ठता- शिव का पूजन लिंगस्वरूप में ही ज्यादा फलदायक माना गया है। शिव का मूर्तिपूजन भी श्रेष्ठ है किंतु लिंगस्वरूप पूजन सर्वश्रेष्ठ है। भगवान शिव ब्रह्म रूप होने के कारण निष्कल अर्थात निराकार कहे गए, रूपवान होने के कारण सकल कहलाए, परंतु वे परब्रह्म परमात्मा निराकार रूप से पहले आए और समस्त देवताओं में एकमात्र वे परब्रह्म है इसलिए केवल वे ही निराकार लिंगस्वरूप में पूजे जाते हैं।