सबरीमाला मंदिर;जहाँ भगवान शिव और मोहिनी के पुत्र अयप्पा के होते है दर्शन,महिलाओं का जाना है मना…!!!

भारत के मंदिर(Temples of India)

-सबरीमाला मंदिर(Sabrimala Mandir) के बारे में जहाँ हर साल नवम्बर से जनवरी तक, भक्तों की भीड़ अयप्पा(Ayyappa) भगवान के दर्शन के लिए उमड़ पड़ती हैं।

-क्योंकि बाकि पूरे साल यह मंदिर(temple) आम भक्तों के लिए बंद रहता है।

-कहा जाता है मकर संक्रांति का दिन यहां भक्तों के लिए होता है खास होता है।

सबरीमाला मंदिर
सबरीमाला मंदिर

-आपको जानकर हैरानी होगी कि इस मंदिर में महिलाओं का जाना वर्जित है।

-खासकर 15 साल से ऊपर की लड़कियां और महिलाएं इस मंदिर में नहीं जा सकतीं।

-यहां सिर्फ छोटी बच्चियां और बूढ़ी महिलाएं ही प्रवेश कर सकती हैं।

-इसके पीछे मान्यता है कि भगवान अयप्पा ब्रह्मचारी थे।

सबरीमाला मंदिर

-यह मंदिर केरल(Kerala) की राजधानी तिरुवनंतपुरम से 175 किलोमीटर दूर 1535 ऊंची पहाड़ियों पर स्थित है।

-यह मंदिर चारों तरफ से पहाड़ियों से घिरा हुआ है।

-इस मंदिर तक पहुंचने के लिए 18 पावन सीढ़ियों को पार करना पड़ता है, जिनके अलग-अलग अर्थ भी बताए गए हैं।

सबरीमाला मंदिर
सबरीमाला मंदिर

-पहली पांच सीढियों को मनुष्य की पांच इन्द्रियों से जोड़ा जाता है।

-इसके बाद वाली 8 सीढ़ियों को मानवीय भावनाओं से जोड़ा जाता है।

-अगली तीन सीढियों को मानवीय गुण और आखिर दो सीढ़ियों को ज्ञान और अज्ञान का प्रतीक माना जाता है।

सबरीमाला मंदिर
सबरीमाला मंदिर

भारतीय पौराणिक कथा (Indian Mythological Story)

-पौराणिक कथाओं के अनुसार अयप्पा को भगवान शिव(Shiv) और मोहिनी (विष्णु जी का एक रूप) का पुत्र माना जाता है।

-इनका एक नाम हरिहरपुत्र भी है. हरि यानी विष्णु और हर यानी शिव, इन्हीं दोनों भगवानों के नाम पर हरिहरपुत्र नाम पड़ा।

-इनके अलावा भगवान अयप्पा को अयप्पन, शास्ता, मणिकांता नाम से भी जाना जाता है।

-सबरीमाला को दक्षिण का तीर्थस्थल भी कहा जाता है।

-यहां आने वाले श्रद्धालु सिर पर पोटली रखकर पहुंचते हैं।

सबरीमाला मंदिर
सबरीमाला मंदिर

-वह पोटली नैवेद्य (भगवान को चढ़ाई जानी वाली चीज़ें, जिन्हें प्रसाद के तौर पर पुजारी घर ले जाने को देते हैं) से भरी होती है।

-यहां मान्यता है कि तुलसी(Tulsi) या रुद्राक्ष(Rudraksh) की माला पहनकर, व्रत रखकर और सिर पर नैवेद्य रखकर जो भी व्यक्ति आता है उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

कैसे पहुँचे मंदिर

-इस मंदिर से पांच किलोमीटर दूर पंपा तक कोई गाड़ी लाने का रास्ता नहीं हैं, इसी वजह से पांच किलोमीटर पहले ही उतर कर यहां तक आने के लिए पैदल यात्रा की जाती है।

सबरीमाला मंदिर में अयप्पा के दर्शन
सबरीमाला मंदिर में अयप्पा के दर्शन

-रेल से आने वाले यात्रियों के लिए कोट्टयम या चेंगन्नूर रेलवे स्टेशन नज़दीक है।

-यहां से पंपा तक गाड़ियों से सफर किया जा सकता है।

-पंपा से पैदल जंगल के रास्ते पहाड़ियों पर चढ़कर सबरिमला मंदिर में अय्यप्प के दर्शन प्राप्त होते हैं।

 

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