शिवपुराण में मिलता है भगवान शंकर के बारे में विस्तार पूर्वक वर्णन; पढ़ने और सुनने से होती है अक्षय पुण्यों की प्राप्ति…!!!

भगवान शिव से जुड़ी कथा (Stories of Lord Shiv)

सोमवार(Monday) को भोलेनाथ (Bholenath)का द‍िन माना गया है और कहा जाता है कि अगर उनकी पूजा सच्‍चे मन से की जाए तो महादेव (Mahadev) हर बाधा को दूर करते हैं।

शिव शंकर (Shiv Shankar) भोलेनाथ  (Bholenath) के नाम मात्र के जाप से पाप दूर हो जाते है महादेव (Mahadev)का सुमिरन व्‍यक्‍त‍ि को धर्म के मार्ग पर लेकर आता है।

भोलेनाथ
भोलेनाथ

वैसे श‍िव (Shiv ) जी को मन का जितना भोला बताया गया है, उनसे जुड़े रहस्‍य उतने ही गूढ़ माने जाते हैं।

भोले बाबा की स्तुति के लिए अक्‍सर श‍िवपुराण (Shivpuran) पढ़ा जाता है।

माना जाता है कि शिव पुराण में भगवान शंकर (Shankar) के बारे में विस्तार पूर्वक वर्णन किया गया है।

मान्‍यता है क‍ि शिवपुराण (Shivpuran) को पढ़ने और सुनने से अक्षय पुण्यों की प्राप्ति होती है।

हालांक‍ि इसके संपूर्ण फल पाने के लिए कुछ नियमों का पालन करना भी जरूरी है।

अनजाने में की गई गलती भी इसका पूरा फल नहीं देगी।

तो आइये जानते है किन नियमों का पालन करना होगा।

शिवपुराण की बातें
शिवपुराण की बातें

शिवपुराण की बातें

  • कथा सुनने से पूर्व बाल, नाखून आदि काटें।
  • तन शुद्ध करके स्वच्छ कपड़े पहनें।
  • मन में भगवान शिव (Shiv) के प्रति श्रद्धा और आस्था रखें।
  • किसी के प्रति द्वेष भाव न रखें।
  • ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए व्रत रखें।
  • भूमि पर सोना चाहिए।
  • किसी की निंदा, चुगली न करें अन्यथा पुण्य समाप्त हो जाते हैं।
  • सात्विक भोजन खाएं।
  • तामसिक पदार्थों का त्याग करें।
शिवजी
शिवजी
  • किसी भी तरह का नशा न करें।
  • कथा पूर्ण होने पर शिव पुराण (Shivpuran) और शिव परिवार का पूजन करें।
  • कथा सुनने से पहले किसी का भी दिल दुखाने वाला व्यक्ति पाप का भागी बनता है और उसके सत्कर्मों का नाश हो जाता है।

अगर आप घर पर श‍िव (Shiv) पूजन कर रहे हैं तो भोले की उपासना के लिए पूजन शुरू करने से पहले तांबे का पात्र, तांबे का लोटा, दूध, अर्पित किए जाने वाले वस्त्र।

शिवजी
शिवजी

चावल, अष्टगंध, दीपक, तेल, रुई, धूपबत्ती, चंदन, धतूरा, अकुआ के फूल, बिल्वपत्र, जनेऊ, फल, मिठाई, नारियल, पंचामृत, पान और दक्षिणा एकत्रित कर लें।

॥जय महाकाल ॥

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