इन दिव्य चमत्कारी मंत्रों का जाप; दिलाएगा आपको आर्थिक परेशानी से छुटकारा..!!!

धार्मिक कहानियाँ (Religious Stories)

सुख दुःख अनेक समस्याएं तो जीवन में आती ही रहती है, चमत्कारी मंत्रों का जाप करने से सब अच्छा होता है

लेकिन हमारे हिंदू शास्त्रों में मनुष्य की हर समस्या का हल बताया गया है।

फिर चाहे समस्या कोई भी हो पारिवारिक कलह-कलेष हो या फिर धन से संबंधित।

चमत्कारी मंत्रों का जाप
चमत्कारी मंत्रों का जाप

अक्सर देखा गया है लोग धन (Money) संबंधी समस्या से जूझते रहते हैं जिसके लिए वह कई बड़े यज्ञ और पूजा-पाठ करवाते हैं।

लेकिन कई बार इतना कुछ करने के बाद भी उनके हाथ निराशा ही लगती है।

लेकिन आज हम आपको शास्त्रों में बताए गए कुछ ऐेसे उपाय व मंत्र (Mantra) के बारे में बता रहें है,

जिनकी सहायता से आप लगातार आ रही समस्या से निजात पा सकते हैं।

चमत्कारी मंत्रों (Mantra)का जाप करने से व्यक्ति को अवश्य लाभ होता है।

आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ प्रभावशाली मंत्रों (Mantra) के बारे में जो आपको हर समस्या से छुटकारा दिलाएंगे।

चमत्कारी मंत्रों का जाप
चमत्कारी मंत्रों का जाप

चमत्कारी मंत्रों का जाप

पहला मंत्र

“गोवल्लभाय स्वाहा” यह मंत्र (Mantra)

भगवान कृष्ण (Krishna) का मंत्र हैं।

इस मंत्र (Mantra) में अद्भुत शक्ति बताई गई है।

माना जाता है कि इस मंत्र (Mantra) में इतनी ताकत है कि यह किसी कंगाल व्यक्ति को भी धनवान बनाने का सामर्थ्य रखता है।

शास्त्रों अनुसार चमत्कारी मंत्रों का जाप लाख बार करना है और जैसे ही यह सवा लाख पहुंचता है,

तो जाप करने वाले व्यक्ति को उम्मीद से अधिक आर्थिक लाभ पहुंचता है।

चमत्कारी मंत्रों का जाप
चमत्कारी मंत्रों का जाप

दूसरा मंत्र

इस मंत्र को सप्तदशाक्षर महामंत्र कहा जाता है।

“ऊं श्रीं नमः श्रीकृष्णाय परिपूर्णतमाय स्वाहा”

इस मंत्र (Mantra) को धन प्राप्ति और धनवान बनाने वाला माना जाता है।

इसका लाभ पाने के लिए इस मंत्र (Mantra) का जाप 5 लाख बार करना आवश्यक माना गया है।

यदि आप बीच में ही इसे छोड़ देते हैं तो इसका कोई भी लाभ नहीं मिलता ।

चमत्कारी मंत्रों का जाप
चमत्कारी मंत्रों का जाप

तीसरा मंत्र

यह मंत्र भगवान शिव के साथ जुड़ा हुआ है। यह मंत्र आपको हर प्रकार के कर्ज से मुक्ति दिलाएगा।

“ॐ नम: शिवाय श्रीं प्रसादयति स्वाहा”

इस शिव मंत्र का प्रतिदिन 1008 बार जाप करना कर्ज से मुक्ति दिलाता है।

 

परम पिता परमेश्वर आप सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें ।

॥ जय श्री कृष्ण॥