कलियुग में जीवन को आसान बना देगी श्रीकृष्ण की कही गई ये बातें; आप भी पढ़ें…!!!

धार्मिक कहानियाँ (Religious Stories)

भगवान कृष्ण (Krishna)ने श्रीमद्भागवत गीता (Bhagwad Geeta) में कई बातों के लिए उपदेश दिए हैं।

इनमे से कुछ बातें ऐसी है जो आज कलियुग (Kalyug) में जीवन को सार्थक बनाने के लिए उपयोगी है।

आजकल के इस आधुनिक दौर में पैसा और सुख-सुविधा की चीजों को लाने के लिए व्यक्ति अंधाधुध पैसे कमाने की होड़ में लग जाता है।

और यह नहीं सोचता कि उससे भौतिक दुनिया की सुख-सुविधा कमाने के कारण कितने पाप (Paap) हो गए हैं।

श्री कृष्ण
श्री कृष्ण

ऐसे में श्रीमद्भागवत गीता (Bhagwad Geeta) में भगवान कृष्ण (Krishna) ने कई नीतियों के उपदेश दिए हैं।

इसमें बताए गए एक श्लोक के अनुसार, जो व्यक्ति ये 4 आसान काम करता है, उसे निश्चित ही स्वर्ग की प्राप्ति होती है और जाने-अनजाने में किए गए पाप माफ हो जाते हैं ।

उसे नर्क नहीं जाना पड़ता, तो आइए, जानते उन बातों के बारे में:

कलियुग में जीवन सार्थक

  • दान

दान करने का अर्थ है किसी जरूरतमंद को वो चीज निशुल्क उपलब्ध करवाना, जिसे पाने में वो अक्षम है।

लेकिन ध्यान करते वक़्त ध्यान रखना होगा की दान करने से पहले या बाद किसी को भी दान के बारे में नहीं बताना चाहिए।

दान को हमेशा गुप्त ही रखना चाहिए।

दान
दान
  • आत्म संयम

कई बार ऐसा होता है कि इंसान का मन और दिमाग दोनों विपरीत दिशा में चलते हैं ।

ऐसे में व्यक्ति अधर्म कर बैठते हैं।

गीता (Geeta) में दिए गए ज्ञान के अनुसार मन को वश में कर लेने से व्यक्ति द्वारा किसी पाप को करने की संभावना नहीं रहती है।

  • सत्य बोलना

आज के कलियुग (Kalyug) में सत्य और असत्य का पता लगाना बहुत ही मुश्किल हो गया है।

किसी भी व्यक्ति की बात को सुनने मात्र से ये नहीं कहा जा सकता कि वो झूठ बोल रहा है या सच।

अगर आपने भूतकाल में कोई गलत काम किया है।

तो आप कलियुग (Kalyug) में शेष बचे जीवन में हमेशा सत्य बोलकर पापों का प्रायश्चित कर सकते हैं।

ध्यान
ध्यान
  • ध्यान या जप

कलियुग (Kalyug) में ऐसे लोग बहुत कम बचे हैं, जो रोजाना ध्यान करते हो।

पूजा-पाठ भगवान (Bhagwan ) को प्रसन्न करने के लिए नहीं बल्कि स्वंय का स्वंय से मिलन करवाने के लिए की जाती है।

आत्मध्यान करके हम आत्मसाक्षात्कार कर सकते हैं।

नियमित रूप से स्वच्छ मन से जप या ध्यान करने से भूल से हुई गलतियों से पार पाया जा सकता है।

 

तो आप भी इन बातों का ध्यान रखें और अपने जीवन को सार्थक बनाए ।

 

॥ जय श्री कृष्ण ॥

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