माता का अद्भुत मंदिर; जहां अखंड ज्योत से कुछ और नहीं बल्कि निकलती है केसर..!!!

भारत के अद्भुत मंदिर (Temples of India)

-किसी मंदिर में जलने वाले दीपक(Deepak) से केसर निकलने की बात आपने अभी तक नहीं सुनी होगी।

-नहीं ना लेकिन मध्यप्रदेश में एक ऐसा मंदिर(Temple) है जहां दीपक की लौ से केसर निकलता है।

-जी हाँ मनासा शहर से लगभग तीन किलोमीटर दुरी पर स्थित अल्हेड़ में प्रसिद्ध आई जी माता मंदिर(Aai mata mandir) है।

आई जी माता मंदिर
आई जी माता मंदिर

-इस मंदिर(Temple) में पिछले 550 साल से देशी घी की अखंड ज्योत(Akhand Jyot) जलती आ रही है.

-इस ज्योत की ख़ास बात यह है, कि इससे केसर(Saffron) टपकता है.

-आमतौर पर देखा जाता है की जब भी कभी कोई दीपक(Deepak) जलता है तो उसमे से काला पदार्थ निकलता है।

-लेकिन, इस मंदिर में दीपक(Deepak) में से केसर निकलता है जिसे भक्त अपनी आँखों में लगाते हैं।

आईजी माता मंदिर

-यह मंदिर(Temple) काफी प्राचीन है भक्तों के अनुसार यहां माता आई थी इसलिए इस मंदिर(Temple) को ‘आईजी माता’ के नाम से जाना जाता है।

-भक्तों के अनुसार इस ज्योति के दर्शन मात्र से ही सभी  बाधा दूर हो जाती हैं।

आई जी माता मंदिर
आई जी माता मंदिर

-करीब 1556 ईसवी में बने इस मंदिर में एक गद्दी है जिसकी पूजा(pooja) भक्त सदियों से करते चले आ रहे हैं।

-यहां माता की मात्र तस्वीर है जो गद्दी पर विराजित हैं।आई जी माता के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते  है ।

-लोगों का ऐसा मानना है कि ज्योत से टपकने वाली केसर लगाने से आँखों के रोग के साथ अन्य रोग भी ख़त्म हो जाते है ।

-खास कर यहाँ नवरात्री(Navratri) में भक्तों का ताँता लगा रहता है।

आई जी माता मंदिर
आई जी माता मंदिर

भारतीय पौराणिक कथा (Indian Mythological Story)

-मान्यता है की दीवान वंशज के राजा माधव अचानक कहीं गायब हो गए थे और माता उन्हें ढूंढने निकली।

-राजा माधव माता को इसी गांव में मिले थे।

-तभी से मां इस मंदिर(Temple) में विराजित है इस मंदिर(Temple) के अंदर जलने वाला अखंड दीपक करीब 550 वर्षों से जल रहा है।

-लोगों का मानना है कि इस इस अखंड दीपक से निकले वाली लौ से निकलने वाला पदार्थ केसर है।

-भक्त यहाँ नीमच और मंदसौर से बस के द्वारा मनासा पहुँच सकते है।

-आई जी माता के दर्शन करने आसपास के शहरों और राज्यों से भक्तगण आते है।

-नवरात्री(Navratri)और अष्टमी(Ashtami) पर यहाँ हजारों लोग पूजा करने और मन्नत मांगने आते है।

आई जी माता मंदिर
आई जी माता मंदिर

-लोगों की मन्नत पूरी होने पर वे आई जी माता को चढ़ावा चढ़ाते है ।

-मंदिर के पुजारी से बात करने पर उन्होंने बताया कि आज से 550 साल पहले आई जी माता ने स्वयं इस ज्योत को जलाया    था ।

-तभी से यह देशी घी की अखंड ज्योत(Akhand Jyot) जलती आ रही है ।

-अभी नवरात्री(Navratri) का समय चल रहा है, यदि आप भी माता के दर्शन करना चाहते है, या कोई मन्नत रखना चाहते है, तो जरुर जाएँ ।

 

 

॥ जय आई जी माता॥