भोलेनाथ ने खोली थी यहां अपनी तीसरी आंख!!इस कारण आज भी खौलता है यहां का पानी!!!

भगवान भोलेनाथ ने खोली थी यहां अपनी तीसरी आंख!!! इस कारण आज भी खौलता है यहां का पानी !!!

हिन्दू धर्म में भगवान शिव को लेकर कई तरह के किस्से और कहानियां प्रचलित हैं। ऐसी ही एक कहानी हिमाचल प्रदेश के मणिकर्ण को लेकर भी मशहूर है। जिसके बारे में कहा जाता है कि यहां भगवान शिव ने अपनी तीसरी आंख खोली थी।

मणिकर्ण हिमाचल प्रदेश के कुल्लू से 45 किमी दूर है और यहां हिन्दू और सिख धर्म के एतिहासिक धर्म स्थल हैं। मणिकर्ण से पार्वती नदी बहती है, जिसके एक ओर शिव मंदिर और दूसरी ओर गुरुनानक देव का एतिहासिक गुरुद्वारा है।इस स्थान को लेकर प्रचलित कहानी के मुताबिक, भगवान शिव ने क्रोधित होकर अपनी तीसरी आंख खोली थी।

क्यों खोली थी तीसरी आंख

बताया जाता है कि यहां की नदी में क्रीड़ा करते हुए एक बार माता पार्वती के कान के आभूषण की मणि पानी में गिर गई और पालात लोक में चली गई। इसके बाद भगवान शिव ने अपने गणों को मणि ढूंढने को कहा। बहुत ढूंढने पर भी शिव-गणों को मणि नहीं मिली।  इस बात से क्रोधित होकर भगवान शिव ने अपनी तीसरी आंख खोल दी। तीसरा नेत्र खुलते ही उनके नेत्रों से नैना देवी प्रकट हुईं। इसलिए, यह जगह नैना देवी की जन्म भूमि मानी जाती है। नैना देवी ने पाताल में जाकर शेषनाग से मणि लौटाने को कहा तो शेषनाग ने भगवान शिव को वह मणि भेंट कर दी।

माना जाता है कि भगवान शिव को खुश करने के उद्देश्य से शेषनाग ने देवी पार्वती की मणि के अलावा भी कई मणियां भेंट की थी। उस समय भगवान शिव ने देवी पार्वती को अपनी मणि पहचान कर उसे धारण करने को कहा और बाकि सभी मणियों को पत्थर के रूप में बना कर यहां की नदी में डाल दिया। कहा जाता है शेषनाग की भेजी गई मणियां आज भी पत्थर के रूप में यहां नदी में मौजूद हैं।

आज भी रहस्य है यहां का खौलता पानी

इसके अलावा शिव मंदिर के पास ही एक गर्म पानी का स्रोत भी है। यहां का पानी इतना गर्म होता है कि कोई भी इसमें हाथ तक नहीं डाल सकता। इस स्रोत के जल को पार्वती नदी के पानी में मिला कर नहाने के लायक बनाया जाता है। यह गर्म पानी शीतल जल वाली पार्वती नदी से कुछ ही दूरी पर ही है। इस गर्म पानी के स्रोत में गुरुद्वारे का प्रसाद बनाने के लिए चावल पकाए जाते हैं। चावल को बर्तन में रख कर इस यहां पर रख दिया जाता है तो कुछ ही मिनट में पक जाते हैं। ये गर्म जल कहां से आता है, यह बात आज तक रहस्य बनी हुई है।

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