राम की लीला अपरम्पार है परन्तु लक्ष्मण भी कुछ कम न थे।मल्ल्युद्ध हो या धनुर्युद्ध ,हर कला में थे वो निपुण । वैराग्य की मूर्ति , सदाचारी ,