शुक्रवार का व्रत करे लक्ष्मीजी को प्रसन्न :

मनुष्य के जीवन के तीन अनमोल रतन – सुख , शांति , समृद्धि | हिन्दू धर्म के अंतर्गत सभी दिन शुभ माने गए है अतः कोई भी कार्य को प्रारम्भ करने के लिए हर दिन शुभ है परन्तु शुक्रवार एक ऐसा दिन है जो माँ लक्ष्मी का दिन कहलाता है | इसलिए शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी के लिए व्रत करे तथा लक्ष्मी जी को प्रसन्न कर अपने जीवन में सुख , शांति एवं समृद्धि लाये | इस व्रत को “वैभव लक्ष्मी व्रत” भी कहा जाता है |

जैसा की आप जानते है कोरोना वायरस की महामारी का प्रकोप चारो ओर फैला हुआ है |जिससे मनष्य के जीवन से सुख , शांति एवं समृद्धि लुप्त हो चुकी है | आज वह इन तीनो अनमोल रतन को पाने में असमर्थ है परन्तु उसे निराश न होना चाहिए क्योकि निराशा ही आशा का संचार है परन्तु माँ लक्ष्मी जी का आशीर्वाद उसके साथ है , व्रत करे तथा माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करे | मनुष्य का जीवन अनेक प्रकार के दुखो से घिरा हुआ है | दुःख केसा भी हो चाहे कारोबार का रुकना ,सोचा हुआ कार्य पूर्ण नहीं होना ,कोर्ट कचरी के मामलो में फसना , विद्यार्थी को सफलता प्राप्त नहीं होना ,धन सम्पत्ति में हानि अन्य सारी बाधाएं वैभव लक्ष्मी व्रत से पूर्ण होगी एवं सफलता प्राप्त होगी |

वैभव लक्ष्मी व्रत से घर में सुख समृद्धि बनी रहेगी तथापि व्रत से कार्य संपन्न नहीं हो रहा हो तो ११ या २१ व्रत करने का संकल्प ले , ध्यान रहे की यह व्रत शुक्रवार के दिन ही किया जाता है | व्रत करने से पूर्व अपनी मन्नत का उल्लेख कर व्रत का संकल्प ले |

कैसे करे वैभव लक्ष्मी व्रत ?

शुक्रवार के दिन प्रातः में स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण कर पवित्र हो जाए | पुरे दिन जय माँ लक्ष्मी का मन में जाप करे | सायं काल में एक पटिये पर लाल कपड़ा बिछा कर उस पर माँ लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करे | श्री यन्त्र की स्थापना करना न भूले , माँ लक्ष्मी को
यन्त्र प्रिय है |