अगर कर लिया इन मंत्रो का जाप तो होजाएंगे शिव जी प्रसन्न और करेंगे मनोकामनाए पूर्ण :

भगवान शिव की लीला अपरम्पार है तथा उनकी महिमा का व्याख्यान सदियों से होता चला आ रहा है। इनकी की पूजा से सभी दुःख दूर होते है है और जीवन में सुखमय व्यतीत होता हैं । भगवान् शिव को महादेव इसलिए कहा गया है ककी ये देवो के भी देव है, जब सारे देवी देवता हार मान जाते है तब भोले बाबा ही भंवर की नैया को पार करने में सहायक बनते है। वैसे तो शिव जी का मूलमंत्र तो ॐ नमः शिवाय है लेकिन इस मंत्र के अतिरिक्त कुछ और भी मंत्र है जो महादेव को प्रिय है।

मनवांछित फल पाने के लिए करे इस मंत्र का जाप :-
नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय| नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे न काराय नम: शिवाय:॥
मंदाकिनी सलिल चंदन चर्चिताय नंदीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय| मंदारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय तस्मे म काराय नम: शिवाय:॥
शिवाय गौरी वदनाब्जवृंद सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय| श्री नीलकंठाय वृषभद्धजाय तस्मै शि काराय नम: शिवाय:॥
अवन्तिकायां विहितावतारं मुक्तिप्रदानाय च सज्जनानाम्। अकालमृत्यो: परिरक्षणार्थं वन्दे महाकालमहासुरेशम्।
रोग निवारण हेतु करे इस मंत्र का जाप :-
सौराष्ट्रदेशे विशदेऽतिरम्ये ज्योतिर्मयं चन्द्रकलावतंसम्। भक्तिप्रदानाय कृपावतीर्णं तं सोमनाथं शरणं प्रपद्ये ।।
कावेरिकानर्मदयो: पवित्रे समागमे सज्जनतारणाय। सदैव मान्धातृपुरे वसन्तमोंकारमीशं शिवमेकमीडे।।
इस मंत्र के साथ बाबा भोलेनाथ को गंध समर्पित करे :-
ॐ नमः श्वभ्यः श्वपतिभ्यश्च वो नमो नमो भवाय च रुद्राय च नमः| शर्वाय च पशुपतये च नमो नीलग्रीवाय च शितिकण्ठाय च||
इस मंत्र के द्वारा महादेव को धुप समर्पित करे :-
ॐ नमः कपर्दिने च व्युप्त केशाय च नमः सहस्त्राक्षाय च शतधन्वने च| नमो गिरिशयाय च शिपिविष्टाय च नमो मेढुष्टमाय चेषुमते च||
इस मंत्र द्वारा भोलेनाथ को बिलपत्र समर्पित करे :-
दर्शनं बिल्वपत्रस्य स्पर्शनं पापनाशनम्| अघोरपापसंहारं बिल्वपत्रं शिवार्पणम्||
पूजा के दौरान शिव जी को पुष्प इन मंत्रो द्वारा समर्पित करे :-
ॐ नमः पार्याय चावार्याय च नमः प्रतरणाय चोत्तरणाय च| नमस्तीर्थ्याय च कूल्याय च नमः शष्प्याय च फेन्याय च||
इन मंत्रो के साथ भगवान् शिव को नैवेद्य समर्पित करे :-
ॐ नमो ज्येष्ठाय च कनिष्ठाय च नमः पूर्वजाय चापरजाय च| नमो मध्यमाय चापगल्भाय च नमो जघन्याय च बुधन्याय च||