रहस्यमयी शिव मंदिर: भोले बाबा के चमत्कार का राज आज तक कोई नहीं जान पाया

भोले बाबा के चमत्कार का राज आज तक कोई नहीं जान पाया

भगवान शिव के चमत्कार से सभी लोग परिचित हैं। वह समय-समय पर ऐसे चमत्कार दिखाते रहते हैं, जो लोगों को हैरत में डाल देते हैं। आज हम आपको ऐसे ही एक शिव मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके चमत्कार का राज आज तक कोई नहीं जान पाया है। यह शिव मंदिर झारखण्ड के रामगढ़ जिले में स्थित है। इस मंदिर के बारे में जानने के बाद हर कोई इस मंदिर में आकर भगवान शंकर के दर्शन करना चाहता है।यूं तो भगवान शिव को लेकर कई पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं लेकिन यहां आज भी भगवान के चमत्कार कभी-कभी देखने को मिल जाते हैं। मंदिर की विशेष बात यह है कि यहां वर्ष के 12 महीने और 24 घंटे जलाभिषेक होता रहता है। यह पूजा युगों से हो रही है। मान्यता के अनुसार इस स्थान का वर्णन पुराणों में भी है। भक्तों की आस्था है कि इस मंदिर में मांगी प्रत्येक मनोकामना पूर्ण हो जाती है।

स्वयं अभिषेक करती हैं गंगा
इस तरह के घटनाक्रम अक्सर होने पर लोगों में भगवान के प्रति आस्था और मजबूत हो गई है।  गहराई पर पहुंचने के बाद उन्हें पूरा शिवलिंग मिला और शिवलिंग के ठीक ऊपर गंगा की प्रतिमा मिली जिसकी हथेली पर से गुजरते हुए आज भी गंगा जल शिवलिंग पर गिरता है। यही वजह है कि यह रहस्यमय मंदिर आज भी आस्था का केंद्र बना हुआ है। इस शिव मंदिर को पहले से ‘टूटी झरना’ मंदिर के नाम से जानते हैं। यह आज भी रहस्य बना हुआ है कि आखिर इस पानी का स्रोत कहां है?

 

 

 

शिव का जलाभिशेक
शिव का जलाभिशेक

दर्शनों हेतु बहुत संख्या में आते हैं भक्त 
लोग दूर-दूर से यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं और वर्ष भर मंदिर में भक्तों की भीड़ रहती है। मान्यता है कि भगवान के इस अद्भुत स्वरुप के दर्शन मात्र से सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। शिवलिंग पर गिरने वाले जल को श्रद्धालु प्रसाद स्वरुप लेते हैं और अपने घरों को भी लेकर जाते हैं। इस जल को पीने से मन शांत होता है और कष्टों से लड़ने की शक्ति मिलती है।

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