शरद पूर्णिमा के रात करलें इन में से कोई भी 1 उपाय;फायदा होगा ज्यादा ये है इन उपायों का वादा ..!!!

5 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा है। पुरानी मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात महालक्ष्मी पृथ्वी का भ्रमण करती हैं और पूछती हैं कि को जागृति? यानी कौन जाग रहा है? इसी वजह से इस पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा कहा जाता है। इस रात महालक्ष्मी को जो भी व्यक्ति जागते हुए दिखाई देता है, पूजन करते हुए दिखाता है, उसे देवी की कृपा मिलती है। आज हम आपको कुछ ऐसे उपाय बता रहें है जिनमें से अगर आप एक भी करलें तो आपको फायदा होगा ।

शरद पूर्णिमा की रात
शरद पूर्णिमा की रात
  • शरद पूर्णिमा की रात में महालक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए और महालक्ष्मी मंत्र का जाप करना चाहिए। मंत्र जाप कम से कम 108 बार करें।    मंत्र– ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मयै नम:।

  • पूर्णिमा पर शिवजी के लिए यह उपाय करेंगे तो लक्ष्मी कृपा प्राप्त हो सकती है।इसलिए शरद पूर्णिमा की रात में आप शिवजी को खीर का भोग लगाएं। इससे आपको आर्थिक लाभ मिलेगा ।
  • शरद पूर्णिमा की रात में हनुमानजी के सामने चौमुखा दीपक जलाएं। इसके लिए आप मिट्टी का एक दीपक लें और उसमें तेल या घी भरें। इसके बाद दीपक में रुई की बत्तियां ऐसे लगाएं कि बत्तियों को चारों ओर से जलाया जा सके। दीपक लगाने के साथ ही हनुमान चालीसा का जाप करें। यदि हनुमान चालीसा का जप नहीं कर पा रहे हैं तो सीताराम-सीताराम या श्रीराम के नाम का जप करें।
शरद पूर्णिमा की रात महालक्ष्मी पृथ्वी का भ्रमण करती हैं
शरद पूर्णिमा की रात महालक्ष्मी पृथ्वी का भ्रमण करती हैं

इन उपायों के अलावा ये 2 चीज़ आपको जरूर करनी चाहिए

शरद पूर्णिमा को औषधीय गुणों वाली रात माना जाता है।इस दिन चाँद हमें लाभ पहुंचाता है। इसलिए इस रात में कुछ देर चांद की चांदनी में बैठ चाहिए। ऐसा करने पर मन को शांति मिलती है।

यदि आप आंखों की रोशनी बढ़ाना चाहते हैं तो शरद पूर्णिमा की रात में चांद को कुछ समय तक एकटक देखें। ऐसा थोड़ी-थोड़ी देर में करते रहें। इस काम से आंखों को शीतलता मिलती है।

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