शनि के प्रकोप से बचना है तो शनिवार को करे यह सरल परंतु सटीक एवं अचूक उपाय!!!

हिंदू धर्म ग्रंथों में शनिदेव को न्यायाधीश कहा गया है अर्थात मनुष्य अगर अच्छा काम कर रहा है तो उसे अच्छा फल और बुरा काम कर रहा है तो उसे बुरा फल देना शनिदेव के द्वारा दिया जाता । प्राचीन काल से ही कहा जाता है शनिदेव  अपने गुस्से के लिये जाने जाते थे औअ आज भी हर मनुष्य उनके गुस्से से डरता है।  इसी गुस्से के कारण शनि देव  प्राचीन काल मे कई राक्षसों को और दुष्ट मनुष्यों को नष्ट कर दिया था और कर देते हैं। आज हम आपको शनिदेव को प्रसन्न करने के आसान उपाय बताने जा रहे हैं।

अगर किसी मनुष्य पर शनि की कृपा हो गई तो समझों वह मनुष्य रातों रात राजा बन जाता है।हमारे पुराणों में शनि देव को खुश करने वाले कई उपायों का वर्णन किया गया है। शुभ संकल्पों को अपनाने के लिए ही शनिवार को शनि पूजा व उपासना बहुत ही शुभ मानी गई है। यह दु:ख, कलह, असफलता से दूर रख सौभाग्य, सफलता व सुख लाती है।

1.शनि को खुश करने के लिए शनिवार को पीपल के पेड़ की पूजा करनी चाहिए और उस पर सरसों के तेल में लोहे की कील डालकर चढ़ाना चाहिए।ऐसा करने से शनिदेव की कृपा हम पर बनी रहती है।

2.शनि देव को तेल चढ़ाते समय इन मंत्र का जाप करें

नमस्ते कोणसंस्थाय पिडगलाय नमोस्तुते। नमस्ते बभ्रुरूपाय कृष्णाय च नमोस्तु ते।।
नमस्ते रौद्रदेहाय नमस्ते चान्तकाय च। नमस्ते यमसंज्ञाय नमस्ते सौरये विभो।।
नमस्ते यंमदसंज्ञाय शनैश्वर नमोस्तुते। प्रसादं कुरू देवेश दीनस्य प्रणतस्य च।।

वैदिक शनि मंत्र:- ऊँ शन्नोदेवीर- भिष्टयऽआपो भवन्तु पीतये शंय्योरभिस्त्रवन्तुनः।

पौराणिक शनि मंत्र:- ऊँ ह्रिं नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम। छाया मार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्।

तांत्रिक शनि मंत्र:- ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।

3. शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए आपको उगते सूरज के समय लगातार 43 दिनों (रविवार को छोड़कर) तक शनिदेव की मूर्ति पर तेल चढ़ाना चाहिए। यह उपाय शनिवार के दिन ही आरंभ करनी चाहिए ताकि शनिदेव आपसे खुश हो सके।

4.शनि देव के प्रकोप को शांत रखने के लिए शनिवार को व्रत रखें और काली गाय या भैंस को उड़द, तेल, तिल, नीलम रत्न और ब्रह्माण को काला कंबल, कपड़ा या लोहा दान करें।

5.अगर आप शनि दोष से पीडि़त हैं तो इस दिन काली उड़द व कोयले की एक पोटली बनाएं इसमें एक रुपए का सिक्का रखें इसके बाद इस पोटली को अपने ऊपर से उसार कर किसी नदी में प्रवाहित कर दें जिसमें मछलियां रहती हों। और फिर किसी हनुमान मंदिर में जाकर राम नाम का जप करें इससे शनि दोष का प्रभाव कम हो जाएगा।

6.शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष के चारों ओर सात बार कच्चा सूत लपेटें इस दौरान शनि मंत्र का जाप करते रहना चाहिए, यह आपकी साढ़ेसाती की सभी परेशानियों को दूर ले जाता है।इसके बाद पीपल के पेड़ की पूजा करना और दीपक लगाना ना भूलें।

7.इसके लिए आपको काली गाय के माथे पर तिलक लगाने के बाद सींग में पवित्र धागा  बांधना चहिये। गाये की पूजा करें। अंत में गाय की परिक्रमा करने के बाद उसको चार बूंदी के लड़्डू, उड़द, तेल, तिल भी खिलाएं। यह शनिदेव की साढ़ेसाती के प्रकोप का प्रभाव कम करता है।

8.शनिवार के दिन आप अपने हाथ की लंबाई का 19 गुणा लंबा एक काला धागा लें उसे एक माला के रूप में बनाकर अपने गले में धारण करें। यह अच्छा परिणाम देगा और शनिदेव को भी प्रसन्न करेगा।

9.मान्यता है की शनिवार को जब आप शनिदेव के मंदिर में प्रणाम करने जाएं तो चमड़े के काले रंग के जूते पहन कर जाएं और वापसी पर नंगे पांव घर आएं। जिन लोगों की राशि पर साढ़ेसाती या ढैया चल रही हो या राशि में शनि अच्छे स्थान पर न हो उन लोगों पर जल्द ही शनिदेव की कृपा होगी।

 

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